आत्मनिर्भर भारत अभियान से गुरुग्राम के 16 हजार छोटे उद्योगों को बड़ी राहत की उम्मीद
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणाओं से जिले की करीब 16 हजार लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) को लाभ मिलेगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा...

आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणाओं से जिले की करीब 16 हजार लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) को लाभ मिलेगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र के संबोधन इन छोटे उद्योगों की नजर वित्त मंत्री की घोषणाओं पर लगी थी।
उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की पोटली खोली। जिले में 16 हजार के करीब एमएसएमई हैं। इनसे करीब 13 लाख लोग जुड़े हैं। जिले में मौजूदा एमएसएमई मैनुफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की हैं। इनमें मैनुफैक्चरिंग क्षेत्र की एमएसमएई की संख्या 8 हजार से अधिक है तो वहीं सर्विस सेक्टर की एमएसएमई की संख्या सात से आठ हजार के बीच में है। उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार एमएसएमई को इन घोषणाओं से अपना काम दोबारा शुरू करने में मदद मिली। गुरुग्राम में संचालित एमएसएमई ऑटो मोबाइल, रेडीमेड गारमेंट और लेदर उद्योग के साथ सर्विस क्षेत्र में हैं।
20 फीसदी बड़ी कंपनियां : हरियाणा की आर्थिक राजधानी और सिटी ऑफ सीईओ की संज्ञा रखने वाले गुरुग्राम में बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी 20 फीसदी है, जिले में कारोबार करने वाली 80 फीसदी कंपनियां एमएसएमई की श्रेणी में आती हैं। जो पिछले डेढ़ महीने से बंद पड़ी हैं, हालांकि आवश्यक सेवाओं से जुड़ी कंपनियां जरूर संचालित हो रही हैं। आईडीए के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो छोटे लघु एंव सूक्ष्म उद्योगों के लिए चिंता की है और ऐलान किए हैं। इससे आने वाले दिनों फायदा मिलेगा। लॉकडाउन के लंबे खिंच जाने से इन कंपनियों के समक्ष काफी दिक्कतें थी। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार अपनी चिंता बनाएगी रखेगी और आने वाले दिनों में जीएसटी में राहत देगी। यह वित्त मंत्री की पहली ब्रीफिंग थी। आगे और राहत मिलने की उम्मीद छोटे उद्योगों को है।
साढ़े तीन लाख घरों का निर्माण बंद पड़ा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख घरों का निर्माण बंद पड़ा है। रियल एस्टेट की इन परियोजनाओं में (संक्रमित जोन को छोड़कर) निर्माण की अनुमति मिल गई है लेकिन सबसे बड़ी समस्या इस वक्त पर श्रमिकों की है। सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल कहते हैं कि श्रमिक पलायन कर चुके हैं जो श्रमिक हैं हमने उनसे काम शुरू किया है। करीब दो से तीन महीने श्रमिकों को लाने और काम शुरू करने में लगेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे में देरी स्वाभाविक थी। केंद्र सरकार ने इस ख्याल रखा और समूचे रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़ी राहत दी।
लेखक के बारे में
Praveen Sharmaप्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।
प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।
वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। इन्हें डिजिटल रीडर्स की पसंद और बदलते ट्रेंड्स को समझकर गहराई और सटीकता के साथ खबरें लिखने का अच्छा खासा अनुभव है। वह सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखते हैं। उन्हें राजनीतिक विषयों पर खबरें लिखने और पढ़ने का शौक है।
प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।
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