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हिंदी न्यूज़ NCRयोगी के गाजियाबाद दौरे से पहले छात्रा के अपहरण से मचा हड़कंप, पिता से मांगी 30 लाख की फिरौती

योगी के गाजियाबाद दौरे से पहले छात्रा के अपहरण से मचा हड़कंप, पिता से मांगी 30 लाख की फिरौती

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले अपहरण और फिरौती मांगने की घटना से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें गठित कर दी गई हैं।

योगी के गाजियाबाद दौरे से पहले छात्रा के अपहरण से मचा हड़कंप, पिता से मांगी 30 लाख की फिरौती
Praveen Sharmaगाजियाबाद | हिन्दुस्तानTue, 22 Nov 2022 08:46 AM
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गाजियाबाद के नंदग्राम थानाक्षेत्र में सोनीपत निवासी जेसीबी संचालक की 11 वर्षीय बेटी को अगवा कर 30 लाख की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। अंजान नंबर से फिरौती की कॉल आते ही परिजनों के होश उड़ गए। बच्ची नंदग्राम में अपने नाना-नानी के पास रहती थी। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस केस दर्ज कर बच्ची की बरामदगी के प्रयास में जुट गई है।

वहीं, मुख्यमंत्री के दौरे से पहले अपहरण और फिरौती मांगने की घटना से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें गठित कर दी गई हैं।

हरियाणा के सोनीपत के टोकी मनोली निवासी मोन सिंह की शादी नंदग्राम के नई बस्ती निवासी ममता के साथ हुई थी। वर्ष 2015 में मोन सिंह का देहांत होने के बाद ममता की शादी उसके देवर सोनू से कर दी गई थी। सोनू दो बेटों तथा एक बेटी का पिता है। सबसे बड़ी बेटी खुशी (11) बचपन से ही नई बस्ती निवासी नाना बिजेंद्र और नानी शांति के पास रहती है। वह नई बस्ती के ही एक स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा है। रविवार सुबह करीब दस बजे बिजेंद्र और शांति पशुओं के लिए खेत से चारा लेने चले गए, जबकि खुशी पर थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे घर लौटे तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। उन्होंने सोचा कि खुशी आसपास कहीं खेलने चली गई होगी, लेकिन, दोपहर करीब 1.42 बजे सोनीपत में सोनू के पास अंजान नंबर से कॉल आते ही परिवार में हड़कंप मच गया।

तीन दिन में 30 लाख का इंतजाम कर लो 

सोनू का कहना है कि अंजान से उनके पास कॉल आई। कॉलर ने पूछा कि खुशी तुम्हारी बेटी है ना। हां कहने पर कॉलर ने कहा कि वह उनके पास है। तुम्हारे पास तीन दिन का समय है। 30 लाख रुपये का इंतजाम कर लो, नहीं तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना। सोनू का कहना है कि कॉल आते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने अपने साले सतीश को फोन करके खुशी के बारे में पूछा तो उसने जानकारी से इनकार कर दिया। इसके बाद नाना बिजेंद्र, नानी शांति, मामा सतीश और मामी उसकी तलाश में जुट गए।

अपहरणकर्ताओं ने 14 बार कॉल कीं

सोनू का कहना है कि रविवार दोपहर को उनका मोबाइल साइलेंट मोड पर था। दोपहर करीब 1.42 बजे कॉल का पता लगने पर उनकी अपहरणकर्ता से बात हुईं। इसके बाद उन्होंने देखा तो अपहरणकर्ताओं ने उनके पास दोपहर एक बजे से लेकर 1.42 तक 14 कॉल की हुई थीं। इसके बाद उन्होंने दोपहर 3.35 बजे तक अपहरणकर्ताओं का नंबर 19 बार मिलाया, लेकिन नंबर नहीं लगा। 20वीं कॉल करने पर अपहरणकर्ता से बात हुई। उन्होंने पूछा कि वह कहां से बोल रहा है। इस पर अपहरणकर्ता ने कहा कि जगह की बात छोड़ों, जितना कहा है उतना करो।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले हुई घटना से हड़कंप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंगलवार को कार्यक्रम से पहले अपहरण की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पहले दिन पुलिस ने मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की, लेकिन सोमवार को बच्ची के परिजनों ने नंदग्राम थाने पर डेरा डाला तो मामला खुला। एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल का कहना है कि छात्रा की बरामदगी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई हैं।

बदमाशों ने लूट के मोबाइल फोन से मांगी फिरौती

पुलिस ने मोबाइल को ट्रेस किया तो पता चला कि वह किसी व्यक्ति से लूटा गया था। इसके बाद पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, शक के आधार पर पुलिस ने बच्ची के नाना को पड़ोसी को भी पकड़ा है। पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है, लेकिन देर रात तक बच्ची के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका। दोपहर करीब तीन बजे नाना-नानी ने नंदग्राम पुलिस को खुशी के अपहरण की सूचना दी। वहीं, शाम छह बजे खुशी का पिता सोनू और मां ममता भी सोनीपत से नंदग्राम थाने पहुंच गए। सोनू की शिकायत पर पुलिस ने खुशी के अपहरण का केस दर्ज कर लिया।