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8 साल में 11 लाख वाहन सड़कों से हटेंगे, दिल्ली मेट्रो ने क्यों किया ऐसा दावा

दिल्ली मेट्रो रेल निगम के मुताबिक, वर्ष 2022 में मेट्रो नेटवर्क के अंतिम विस्तार (फेज तीन) के बाद से उस वर्ष यात्रियों की संख्या बढ़ने से सड़कों से कुल 5.16 लाख से अधिक वाहन सड़कों से हटे थे।

8 साल में 11 लाख वाहन सड़कों से हटेंगे, दिल्ली मेट्रो ने क्यों किया ऐसा दावा
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानMon, 08 Jan 2024 05:25 AM
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दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने वर्ष 2023 में कार्य दिवस के दौरान यात्रा करने वाले लोगों की संख्या 67 लाख को पार कर लिया है। यह आंकड़ा डीएमआरसी के अनुमानित यात्रियों की यात्रा की संख्या से आठ फीसदी अधिक है। दावा किया है कि आने वाले करीब आठ साल में सड़कों से 11 लाख वाहन हट जाएंगे। मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक, लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल कम कर देंगे, जिससे प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

62 लाख यात्रियों का था अनुमान : दिल्ली मेट्रो के फेज-तीन का काम पूरा हो चुका है। वहीं, एनसीआर में लगातार हो रहे विस्तार के बाद मेट्रो के कुल 12 कॉरिडोर का नेटवर्क 392 किलोमीटर का हो गया था, जिसके बाद मेट्रो ने वर्ष 2023 में कार्य दिवसों में अपने यात्रियों की संख्या को 62.18 लाख होने का अनुमान लगाया था, मगर अब जो आंकड़े सामने आए हैं उनके अनुसार यह संख्या 67.21 लाख तक पहुंच गई है। यानी, यह अनुमानित यात्रियों की संख्या से आठ फीसदी अधिक है। मेट्रो वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर के छह शहरों, दिल्ली के अलावा गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, बहादुरगढ़ को आपस में जोड़ती है।

कार्बन डाइक्साइड कम होने की संभावना

मेट्रो के अनुसार, वर्ष 2022 में 7.66 लाख टन सालाना कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्पादन कम हुआ था। वर्ष 2031 में सालाना 16.06 लाख टन कम कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्पादन होने की संभावना है। 2031 में कार्बन डाई ऑक्साइड 10 हजार 250 टन, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड 5 हजार 744 टन और पीएम में 252 टन की कमी आने की उम्मीद है।

समय की होती है बचत

दिल्ली मेट्रो ने ईपीसीए की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में राजधानी में जो लोग सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का प्रयोग कर रहे हैं उसमें 30 फीसदी लोग मेट्रो से सफर करते हैं। सिर्फ 19 फीसदी लोग ही डीटीसी व क्लस्टर बसों का प्रयोग कर रहे हैं। बाकी अन्य साधनों टैक्सी, ऑटो या कैब का इस्तेमाल करते हैं। मेट्रो से यात्रा करने पर लोगों का समय भी बचाता है।

-अनुज दयाल, प्रवक्ता, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, ''वर्ष 2023 में कार्य दिवसों में हमने रोजाना 67 लाख लोगों को यात्रा कराई। दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 392 किलोमीटर का है। यह दो दशकों में तैयार किया गया है। इतने कम समय में ही मेट्रो ने सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरण को बचाने में अपना सहयोग दिया है।'''

ईंधन की खपत कम होने का अनुमान

डीएमआरसी के मुताबिक, वर्ष 2022 में मेट्रो नेटवर्क के अंतिम विस्तार (फेज तीन) के बाद से उस वर्ष यात्रियों की संख्या बढ़ने से सड़कों से कुल 5.16 लाख से अधिक वाहन सड़कों से हटे थे। इससे दिल्ली की सड़कों पर 3,227 किलोमीटर की दूरी वाहनों ने कम तय की थी। इससे 2.55 लाख टन कम ईंधन की खपत हुई। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेट्रो का दावा है कि 2031 तक मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के बाद सड़कों से हटने वाले वाहनों की संख्या 10.93 लाख हो जाएगी। इससे 6,834 किलोमीटर वाहन सड़क पर कम चलेंगे और 5.34 लाख टन ईंधन की कम खपत होगी।

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