चाकू मारने की वजह से नहीं हुई थी तरुण की मौत, पुलिस ने बताया किस चोट की वजह से गई जान

Sourabh Jain पीटीआई, नई दिल्ली
share

तरुण की मौत के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम पर उन्होंने कहा, 'कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं, इसके लिए हमने पूरे एरिया को जोन में, सेक्टर में और सब सेक्टर में बांट दिया है।

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन रंग लगने की वजह से शुरू हुए विवाद के बाद पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 26 वर्षीय तरुण को बुरी तरह पीटा था। जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और इस मामले में पुलिस ने अबतक एक नाबालिग समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को कई नई खुलासे किए और बताया कि जिन दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ था, वे दोनों एक-दूसरे को पिछले 50 सालों से जानते हैं और उनके बीच छोटी-मोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद भी होते रहते थे। साथ ही बताया कि तरुण की मौत चाकू लगने की वजह से नहीं हुई।

इस बारे में जानकारी देते हुए DCP द्वारका कुशल पाल सिंह ने शनिवार को बताया कि 'होली पर 4 मार्च की रात करीब 11 बजे के आसपास हमें इस विवाद की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, वहां पर जाकर हमने पाया कि दो समुदाय के लोगों में झगड़ा हुआ है, जिसमें एक समुदाय के तीन लोग और दूसरे समुदाय के पांच लोग घायल हुए हैं। जिन्हें तुरंत ही हमने पीसीआर व एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया।'

अगले दिन अस्पताल में हुई थी तरुण की मौत

आगे उन्होंने कहा, 'घायलों में से ज्यादातर लोगों को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, केवल तरुण कुमार नाम का 26 साल का युवक अस्पताल में भर्ती रहा। अगले दिन 5 मार्च की दोपहर को पता चला कि इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई है। शुरुआत में हमने इस मामले में धारा 308 के तहत केस दर्ज किया था, लेकिन तरुण की मौत के बाद उसमें हत्या की धारा भी जोड़ दी गई। इस केस के सिलसिले में अब तक सात लोगों को अरेस्ट किया गया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। शुरू में हमने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था, बाद में दो लोगों की और गिरफ्तारी हुई।'

क्या चाकू मारकर हुई थी तरुण की हत्या?

जब पुलिस अधिकारी से पूछा गया कि तरुण को चाकू मारने की भी बात सामने आ रही है, तो उन्होंने बताया कि 'नहीं इसमें हमले में कोई चाकू का इस्तेमाल नहीं हुआ था। तरुण को जो जानलेवा चोट लगी थी वह लाठी को मारने से लगी थी। क्योंकि ये दो परिवार हैं, और दोनों ही आस-पड़ोस में ही रहते हैं, आमने-सामने ही रहते हैं। तो इसमें जो सबूत सामने आए हैं, उसमें विवाद में दोनों ही परिवारों के लोग शामिल होने का पता चला है।'

'दोनों परिवार करीब 50 सालों से एक-दूसरे को जानते हैं'

पुलिस अधिकारी ने कहा कि 'ये दोनों परिवार लगभग पिछले 50 सालों से एक-दूसरे को जानते हैं, ये मूल रूप से राजस्थान के चोमू के रहने वाले हैं, और इससे पहले तक ये लोग राजेंद्र नगर की झुग्गियों में रहते थे, लेकिन 2004 के बाद से ये लोग यहां शिफ्ट हो गए थे।' पुलिस ने बताया कि ‘जांच के दौरान यह भी पता चला है कि पड़ोसियों के बीच जिस तरह पार्किंग को लेकर या अन्य सामान्य छोटे-मोटे विवाद होते रहते हैं, उसी तरह के विवाद इन दोनों परिवारों के बीच भी होते रहते थे। हालांकि ये विवाद सांप्रदायिक विवाद नहीं थे।’

सुरक्षा के लिए इलाके को जोन और सेक्टर में बांटा गया

तरुण की मौत के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम पर उन्होंने कहा, 'कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं, इसके लिए हमने पूरे एरिया को जोन में, सेक्टर में और सब सेक्टर में बांट दिया है। जोन को हमारे डीसीपी और सेक्टर को हमारे एसीपी देख रहे हैं। लोकल पुलिस के साथ-साथ हमने अन्य थानों की पुलिस को भी बुलाया है, हमारे पास RAF और CRPF की टीम भी है। इसके अलावा भी हमें स्टाफ मिला है, जिसके चलते हमने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।'

पुलिस ने बताया कि यह विवाद बुधवार को उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी के ए ब्लॉक में सामने आया था। मृतक के पिता ने दावा किया कि 'घटना वाले दिन मेरा बेटा अपने दोस्तों के साथ होली खेलने गया था। जब वह लौटा, तो वे (हमलावर) उसका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसकी हत्या कर दी।' तरुण के परिजनों ने शनिवार को बताया कि वह डिजिटल मार्केटिंग की पढ़ाई कर रहा था और अपने परिवार का सहारा बनना चाहता था।

तरुण के पिता मेमराज ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि, 'होली के दिन परिवार की बच्ची से गलती से गुब्बारा गिर गया, जिसके छींटे दूसरे समुदाय की एक महिला पर जा गिरा। इसके बाद उसने यह कहते हुए बहुत बड़ा बखेड़ा खड़ा कर दिया कि उसका रोजा टूट गया।'

मेमराज ने कहा, 'हमने उनसे माफी भी मांगी। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हम पर हमला कर दिया, जिसके बाद हम अपने घरों की ओर भागे। फिर उन्होंने बाहर से हमारे दरवाजे बंद कर दिए। वे करीब 10 से 12 लोग थे।' उन्होंने बताया, 'मेरे भाई को चोट लगी है, उसके सिर में टांके लगे हैं और उसका हाथ टूट गया है। मेरी आंखों में भी चोटें आई हैं और मेरी पत्नी को भी पीटा गया है।'

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।