दिल्ली में MCD स्कूलों के बदलेंगे हालात; खेल एकेडमी खुलेंगी, घटिया मिड-डे मील पर होगा ऐक्शन
एमसीडी स्कूलों को अब खेल और अन्य गतिविधियों की अकादमी बनाया जाएगा। शुरुआत में 60 स्कूलों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। मिड-डे मील में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी स्कूलों को खेल और एक्स्ट्रा करिकुलर अकादमी के तौर पर विकसित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त निगम स्कूलों में खेल में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल कर चुके शिक्षकों को राष्ट्रीय संस्था के साथ प्रशिक्षण प्रदान होगा। साथ ही, मिड डे मील की आपूर्ति करने वाली एजेंसी व संगठनों की लगातार निगरानी होगी। बार-बार मिड डे मील में खामियां व शिकायतें मिल रही हैं। इसके मद्देनजर अब ऐसी एजेंसी एवं संगठनों को आगामी संचालन के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। निगम की शिक्षा समिति की बुधवार को हुई बैठक में इन सब मुद्दों पर चर्चा होने के बाद फैसले लिए गए। इसमें शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा, उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
पीपीपी मॉडल के तहत तैयार करेंगे अकादमी
इस संबंध में शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि निगम के प्राथमिक विद्यालयों के परिसर को पीपीपी मॉडल के साथ खेल व एक्स्ट्रा करिकुलर अकादमी के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे छात्रों को इसमें विभिन्न खेलों जैसे क्रिकेट, फुटबॉल, वॉली बॉल समेत अन्य इंडोर खेलों को लेकर प्रशिक्षण मिले। साथ ही, जिन भी छात्रों में कोई कौशल है, तब उसके लिए भी उन्हें बेहतर प्रशिक्षण प्रदान हो। इसके लिए निगम विद्यालयों को खेल व एक्स्ट्रा करिकुलर अकादमी के रूप में तैयार करेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्दश दिए गए हैं।
शुरुआत में 60 स्कूलों में व्यवस्था लागू होगी
उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी ने बताया कि शुरुआत में निगम के 60 स्कूलों को खेल अकादमी के रूप में तैयार किया जाएगा। जिससे इस अकादमी के जरिए निगम को राजस्व प्राप्त हो और विद्यार्थियों को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान हो।
यह फैसले लिए गए
1. उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी ने बताया कि मिड डे मील में कुछ गैर सरकारी संगठन काफी गड़बड़ कर रहे हैं। इनके औचक निरीक्षण के दौरान काफी कमियां मिल रहीं हैं। उनके खिलाफ बार बार शिकायत मिल रहीं हैं। ऐसे संगठनों पर रोक लगेगी और उनकी आगामी संचालन प्रणाली को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
2. मिड डे मील की आपूर्ति करने वाली एजेंसियों व संगठनों की नियमित निगरानी, सैंपल टेस्टिंग और जवाबदेही तय करने की सख्त व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए।
3. निगम विद्यालयों में मल्टी टास्क स्टाफ (एमटीएस) की भारी कमी है। जिससे रोजमर्रा के कार्य जैसे सफाई में काफी समस्या आ रही है। जल्द से जल्द स्कूलों में नई एमटीएस भर्ती के निर्देश दिए गए।
4. पूरी दिल्ली में निगम के शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के अलग अलग कार्य प्रावधान है। उसे एक करने के निर्देश दिए।
5. निगम विद्यालयों में काफी शिक्षकों ने खेल में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त की है। उनके पास इस संबंध में उनके पास कोई अतिरिक्त डिग्री है। तब उन्हे छांटकर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया या अन्य किसी राष्ट्रीय संस्था से प्रशिक्षण कराई जाएगी। जिससे वह शिक्षक निगम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायता कर सकेंगे और खेलों के प्रति प्रशिक्षण दे सकेंगे।
6. शिक्षकों की संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (एमएसीपी) व मेडिकल बिलों की लंबित फाइलों पर सभी जोनल अधिकारियों को तलब किया। इसमें उन्हें निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों पर समयबद्ध निस्तारण करें।
7. निगम विद्यालयों में हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई के आदेश दिए।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


