दिल्ली-मेरठ रोड पर तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर 4 बार पलटी मारी, 2 युवकों की मौत; 4 घायल
गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में एक दर्दनाक घटना घटी। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर ईएसआई अस्पताल के सामने गुरुवार तड़के तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए।

गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में एक दर्दनाक घटना घटी। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर ईएसआई अस्पताल के सामने गुरुवार तड़के तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। गंभीर हालत में सभी का मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कार के परखच्चे उड़ गए
इस भयानक हादसे के बाद जाम जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कर को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू कराया। मेरठ के परतापुर निवासी रोहित अपने दोस्तों आदेश पुत्र संजय, हिमांशु कुमार, कुलदीप, आदेश व लोनी निवासी अंकित तिवारी के साथ बुधवार को दिल्ली गए थे। गुरुवार तड़के पांच बजे यह दिल्ली से मेरठ वापस आ रहे थे।
कार ने चार बार पलटी मारी
बताया जा रहा है कि कार को अंकित तिवारी नाम का युवक चला रहा था। जब यह दिल्ली मेरठ मार्ग पर ईएसआई अस्पताल के सामने पहुंचे तो अचानक कारअनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। कार ने चार बार पलटी मारी। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे होते ही आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने पुलिस को हादसे की सूचना दी।
किसी तरह कार से युवकों को बाहर निकाला
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह कार से युवकों को बाहर निकाला और जीवन अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों ने आदेश व अंकित तिवारी को मृत घोषित कर दिया जबकि कुलदीप,रोहित, आदेश, हिमांशु की हालत गंभीर होने पर मेरठ के लिए रेफर कर दिया। हादसे के बाद दिल्ली मेरठ मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बन गई और वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को सड़क से हटाकर यातायात सुचारु कराया। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है।
रिपोर्टः चंद्रशेखर त्यागी
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


