
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी यौन शोषण: गुनहगार अब तक फरार, धमकी भरे ई-मेल से सुराग की तलाश
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में बीटेक छात्रा से सामूहिक यौन शोषण मामले में पुलिस अब तक खाली हाथ है, जो धमकी भरे ई-मेल के आईपी एड्रेस, सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता के लैपटॉप-मोबाइल डाटा की मदद से आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में बीटेक छात्रा से सामूहिक यौन शोषण के मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। धमकी भरे ई-मेल के आईपी एड्रेस की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

आशंका जताई जा रही है कि सारे ई-मेल और मैसेज एक ही लोकेशन से किए गए हैं। पुलिस अब पीड़िता के लैपटॉप और मोबाइल फोन में मौजूद डाटा की जांच कर आरोपियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की सीडीआर के अलावा यूनिवर्सिटी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ में कई टीमें जुटी हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूरी वारदात के घटनाक्रम को गहनता के साथ समझने के लिए पुलिस मंगलवार रात दोबारा पीड़िता को घटनास्थल पर लेकर गई थी। इस दौरान पीड़िता द्वारा बताए गए तथ्यों के आधार पर वारदातस्थल के अलावा पूरे परिसर से जरूरी सुराग इत्यादि जुटाए गए हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामले में ई-मेल के माध्यम से पीड़िता को धमकी देने वाले आरोपी और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अलग-अलग तो नहीं हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक सीसीटीवी फुटेज में वारदात के वक्त और उसके आगे पीछे के समय में पीड़िता के बयान को समर्थन देने वाली कोई हरकत नजर नहीं आई है। हालांकि मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी परिसर में रविवार रात को बीटेक की छात्रा के साथ सामूहिक यौन उत्पीड़न की वारदात सामने आई थी। मैदान गढ़ी पुलिस ने सोमवार देर रात छात्रा के बयान पर सामूहिक यौन शोषण, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छात्रा अभिभावकों की देखरेख में भेजी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना की कड़ी निंदा की और स्पष्ट किया कि संस्थान में यौन उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि पीड़िता को फिलहाल उसके अभिभावकों की देखरेख में भेज दिया गया है और मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए पहले से कार्यरत स्थायी समिति ने मामले का संज्ञान लिया है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त की
पुलिस के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के नॉन टीचिंग स्टाफ व सुरक्षा स्टाफ की ज्यादातर जानकारी पुलिस ने हासिल कर ली है और यूनिवर्सिटी के 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। घटना के संबंध में जिन लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं उनमें 70 गार्ड, छात्र और केयर टेकर शामिल हैं। छात्रा को भेजे गए धमकी भरे ईमेल और मैसेज की जांच का जिम्मा साइबर टीम को सौंपा गया है। वहीं, कॉलेज की आंतरिक कमेटी ने भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने टीम ने बुधवार को यूनिवर्सिटी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है।
हॉस्टल इंचार्ज को हटाने की मांग पर अड़े
यूनिवर्सिटी के कैंपस में बुधवार को छात्रों ने कैंपस के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने लगातार दूसरे दिन कक्षाओं का बहिष्कार किया और हाथों में पोस्टर व बैनर लेकर मांगों को बुलंद किया। छात्राओं ने हॉस्टल इंचार्ज के खिलाफ भी आवाज उठाई और उनके तत्काल हटाने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन मीडिया को परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। कैंपस में पुलिस बल तैनात रहा।



