अभिजीत दीपके क्या देंगे साथ, अपने अनशन की याद दिला सोनम वांगचुक ने कॉकरोचों को पुकारा
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनशन की याद दिलाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी से मदद मांगी है। वांगचुक ने 19 से 24 सितंबर तक लद्दाख में होने जा रही पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है। अभिजीत दीपके ने इस पर जवाब भी दे दिया है।

26 दिन तक अनशन करके कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर आंदोलन में जान फूंकने वाले सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अब बदले में साथ मांग लिया है। उन्होंने अपने भूख हड़ताल की याद दिलाते हुए लद्दाख में अपने मुहिम के लिए सीजेपी का साथ मांगा है। वांगचुक ने 19 से 24 सितंबर तक एक पदयात्रा का ऐलान किया है और इसमें शामिल होने की अपील की है। सीजेपी मुखिया अभिजीत दीपके ने वांगचुक के ट्वीट के कई घंटों बाद सकारात्मक जवाब तो दिया, लेकिन यह साफ नहीं किया है कि वह इसमें शामिल होंगे या नहीं।
लद्दाख में लोकतांत्रिक ढांचे की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर सरकार से बातचीत के लिए दिल्ली आए सोनम वांगचुक ने एक वीडियो बनाकर 'कॉकरोचों' को संबोधित किया और उनके लिए कई हफ्तों तक भूखे रहने की बात याद दिलाते हुए मदद मांगी। उन्होंने कहा, 'हैलो दोस्तों, कॉकरोचों कैसे हो। मैं अभी दिल्ली में हूं और ठीक उस जगह के बगल में जहां हमने आप लोगों के साथ कई हफ्ते बिताए भूखे रहकर। जी हां जंतर-मंतर। मगर घबराइए नहीं हम किसी प्रदर्शन या अनशन के लिए नहीं, हम यहां लद्दाख से आए गृहमंत्रालय के साथ जो कि लद्दाख की संस्कृति, प्रकृति, जमीन के संरक्षण के लिए चल रही, उसी की एक कड़ी में।'
सरकार के सामने क्या मांग रखी
सोनम वांगुचक ने अपनी मीटिंग को लेकर कहा कि इसमें बस चाय अच्छी थी, कोई नया कदम नहीं उठाया गया बल्कि जो पुराने हो चुके फैसले हैं, जैसेकि लद्दाख में एक विधानसभा बनाई जाएगी और उसे पूरा प्रशासन सौंपा जाएगा, उसकी भावना का उल्लंघन करने की प्रक्रिया चल रही है, उसे रोकने का आश्वासन भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि एलजी प्रशासन बहुत बड़े-बड़े फैसले लेने में लगा है, इसके बाद लोकतंत्र का मतलब नहीं रह जाएगा। वांगचुक ने कहा, 'हमने सरकार से छोटी सी आश्वासन की उम्मीद की थी कि जब तक लद्दाख में लोकतंत्राकि ढांचा ना आ जाए तब तक एलजी ऐसे बड़े फैसले ना लें। हमें इसका इंतजार है।'
लद्दाख में पांच दिन की पदयात्रा, कॉकरोचों को बुलाया
सोनम वांगचुक ने कॉकरोचों के नाम बनाए इस वीडियो में पदयात्रा में मदद के लिए बुलाया। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि आप हमारी मदद के लिए आएं। हम लद्दाख में करने जा रहे हैं एक बड़ी पदयात्रा 19 से 24 सितंबर तक। यदि हमें यह आश्वासन (सरकार से) एक सप्ताह में आ जाता है तो हम इसे यादगार पदयात्रा मनाएंगे शहीदों की याद में जिन्होंने लद्दाख के लिए अपनी जान दी। वरना इसे बड़ा प्रदर्शन बनाएंगे पूरी भारत की जनता की तरफ से कि लद्दाख के साथ इंसाफ किया जाए। जैसे हर राज्य में होता है कि बड़े फैसले लद्दाख के लोगों पर छोड़ा जाए। याद रखिए यह सिर्फ लद्दाख के लिए नहीं है, लद्दाख वह जगह है हिमालय में जहां से आपके लिए पानी और साफ हवा आती है। यह वह जगह है जहां के लोगों ने बिना वर्दी और वेतन के देश की रक्षा की है हर युद्ध में। अब देश की जरूरत है लद्दाख की रक्षा में। हमें पूरी उम्मीद है हम लद्दाख में मिलेंगे 19 सितंबर को।’
अभिजीत दीपके ने क्या दिया जवाब
सोनम वांगचुक की ओर से शुक्रवार शाम की गई अपील पर शनिवार सुबह अभिजीत दीपके का एक शब्द में जवाब आया। लेकिन इससे यह साफ नहीं है कि अपनी टीम के साथ लद्दाख में पांच दिन की पदयात्रा करेंगे या नहीं। वांगचुक ने अपने वीडियो में लिखा है कि जो लोग आने को तैयार हैं वे लिखें कि- हां मैं आऊंगा। अभिजीत दीपके ने वांगचुक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'स्टैंड विद लद्दाख।' खबर लिखे जाने तक दीपके के अलावा सीजेपी के अन्य बड़े नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।


