
बेटा लगा रहा था फांसी, मां मदद मांगने सड़क पर आई; तभी फरिश्ते बनकर पहुंच गए दिल्ली पुलिस के दो जवान
घटना की जानकारी देते हुए युवक की मां ने बताया कि 'मेरा बेटा बिजनेस को लेकर तनाव में था, उसने सुसाइड करने की कोशिश की। मैं मदद के लिए नीचे गई, वहां मुझे दो पुलिसवाले मिले, मैंने उनको बताया, तो वो ऊपर आए, और उन्होंने आकर के मेरे बच्चे की जान बचाई।'
दिल्ली पुलिस के दो जवानों ने जनसेवा व जनसुरक्षा के अपने वादे को निभाते हुए बुधवार को एक शानदार मिसाल पेश की। इस दौरान उन्होंने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या करने जा रहे एक युवक को सही समय पर पहुंचकर बचा लिया। दरअसल गश्त के दौरान जब ये दोनों पटेल नगर थानाक्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी इन्होंने वहां एक बुजुर्ग महिला के चिल्लाने की आवाज सुनी, जो अपने घर के नीचे खड़े होकर रोते हुए मदद के लिए पुकार रही थी।
सही समय पर पहुंचे, फंदा काटकर बचाई जान
पुलिसकर्मियों को देख महिला इनके पास आई और बेटे के फांसी लगाने के बारे में बताया, जिसके बाद ये दोनों भागकर महिला के घर की तीसरी मंजिल पर पहुंचे और फांसी पर झूल रहे उसके बेटे की जान बचाई। इसके बाद उन्होंने फंदा काटकर उसे नीचे उतारा और उसे प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया। जान बचाने वाले इन दोनों पुलिसकर्मियों की पहचान हेड कांस्टेबल योगेश और कांस्टेबल अजय के रूप में हुई है। उनके इस काम की तारीफ जिले के डीसीपी ने भी की है।
मां बोली- बिजनेस को लेकर तनाव में था बेटा
घटना की जानकारी देते हुए युवक की मां ने बताया कि 'मेरा बेटा बिजनेस को लेकर तनाव में था, उसने सुसाइड करने की कोशिश की। मैं मदद के लिए नीचे गई, वहां मुझे दो पुलिसवाले मिले, मैंने उनको बताया, तो वो ऊपर आए, और उन्होंने आकर के मेरे बच्चे की जान बचाई।'
दिल्ली का बीट सिस्टम दुनिया के बेस्ट में से एक
उधर दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP निधिन वल्सान ने इस घटना की जानकारी देते हुए कहा कि, 'दिल्ली पुलिस का जो बीट सिस्टम है, वो दुनिया के सबसे बेस्ट बीट सिस्टम में से एक माना जाता है, और उसका आज एक परफेक्ट उदाहरण हेड कांस्टेबल योगेश और कांस्टेबल अजय ने पेश किया। ये दोनों सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के पटेल नगर थाने में पोस्टेड है, ये दोनों बीट ऑफिसर्स पूरे टाइम बीट में ही रहते हैं। आज डीसीपी के रूप में जब मैंने इनसे बात की तो इन्होंने बताया कि अपने कमिटमेंट की वजह से ये लोग 15-15 दिन अपने एरिया में ही रहते हैं।'

दौड़ते हुए तीसरी मंजिल तक गए, दरवाजा खोलकर बचाया
बुधवार को हुई घटना के बारे में जानकारी देते हुए डीसीपी ने कहा, 'एक बुजुर्ग महिला अचानक इनके पास आई और मदद मांगते हुए उसने बताया कि उसका बेटा दरवाजा बंद करके फांसी लगाने की कोशिश कर रहा है। जिसके बाद ये दोनों तुरंत भागे और सीढ़ियां चढ़कर मकान की तीसरी मंजिल के उस कमरे तक पहुंचे, जहां वो युवक था। जब ये दोनों वहां पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अंदर जाकर उस युवक की जान बचाई।'
अधिकारी ने आगे कहा, 'समय पर हस्तक्षेप करने और पुलिसकर्मियों के वहां पर मौजूद होने की वजह से दिल्ली पुलिस एक युवक की जान बचा सकी। एक सीनियर अधिकारी होने के नाते मैं हेड कांस्टेबल योगेश और कांस्टेबल अजय की सूझबूझ और उनके अच्छे काम की तारीफ करता हूं।'
उधर इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर किए एक वीडियो के साथ पुलिस विभाग ने लिखा, 'दिल्ली पुलिस के पटेल नगर थाना क्षेत्र में बीट गश्त के दौरान पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक युवक की जान बचाई गई। एक बुजुर्ग महिला की रोने और मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनकर, हेड कांस्टेबल योगेश और कांस्टेबल अजय मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने साहस व सूझबूझ से हस्तक्षेप किया, पीड़ित की जान बचाई, प्राथमिक उपचार दिया और समय पर अस्पताल पहुंचाया। मानवीय संवेदनशीलता और सूझ-बूझ से एक अनमोल जीवन सुरक्षित किया गया।

लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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