30 लाख सालाना कमाने वाले इंजीनियर ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ठगे 99 करोड़, 3 गिरफ्तार; ऐसे किया कांड
दिल्ली पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए देशभर के 600 से ज्यादा लोगों से करीब 99.77 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए देशभर के 600 से ज्यादा लोगों से करीब 99.77 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान रवि राठौर, सुदामा और विकास राठौड़ के रूप में हुई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है- रवि राठौर पहले एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था और उसकी सालाना सैलरी करीब 30 लाख रुपये थी। साल 2023 में उसकी मुलाकात सुदामा नाम के एक क्रिकेट कोच से हुई, जिसने उससे एक “एल्गो ट्रेडिंग” प्लेटफॉर्म बनाने को कहा। इसके बाद तीनों ने मिलकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगना शुरू कर दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों को जोड़ते थे और “जीरो रिस्क” में भारी मुनाफे का दावा करते थे। इसके बाद लोगों को “Trademakeralgo” नाम का ऐप डाउनलोड कराया जाता था। ऐप देखने में पूरी तरह प्रोफेशनल लगता था और उसमें नकली लाइव ट्रेडिंग डैशबोर्ड व मुनाफा दिखाया जाता था।
पहले लोगों से छोटी रकम निवेश कराई जाती थी। लेकिन जब इन्वेस्टर पैसे निकालने की कोशिश करते, तो उनसे “प्रोसेसिंग फीस”, “टैक्स क्लियरेंस” और “अकाउंट एक्टिवेशन” के नाम पर और पैसे मांगे जाते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पहाड़गंज निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने बेंगलुरु से रवि राठौर को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि वही फर्जी ऐप और वेबसाइट का तकनीकी मास्टरमाइंड था।
इसके बाद मध्य प्रदेश के सनावद से सुदामा और विकास राठौड़ को पकड़ा गया। पुलिस को पता चला कि दोनों एक अस्थायी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए फंसाते थे। महिला कॉलर्स का इस्तेमाल खासतौर पर पुरुष निवेशकों को भरोसे में लेने के लिए किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार बरामद की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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