Hindi Newsएनसीआर NewsSIR is causing stress for Ghaziabad School Teachers duties assigned in other assembly constituencies
टीचर्स को टेंशन दे रहा 'SIR', दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में ड्यूटी लगने से परेशान

टीचर्स को टेंशन दे रहा 'SIR', दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में ड्यूटी लगने से परेशान

संक्षेप:

गाजियाबाद जिले के सरकारी स्कूलों के टीचर्स इन दिनों वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में दूसरे विधानसभा क्षेत्र में ड्यूटी लगने से परेशान हैं। कई स्कूल तो ऐसे हैं, जहां केवल एक-एक, दो-दो ही टीचर हैं, उन सभी की ड्यूटी एसआईआर के काम लगी है। 

Fri, 7 Nov 2025 01:26 PMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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गाजियाबाद जिले के सरकारी स्कूलों के टीचर्स इन दिनों वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में दूसरे विधानसभा क्षेत्र में ड्यूटी लगने से परेशान हैं। कई स्कूल तो ऐसे हैं, जहां केवल एक-एक, दो-दो ही टीचर हैं, उन सभी की ड्यूटी एसआईआर के काम लगी है। अगले महीने निपुण और अर्धवार्षिक परीक्षाएं होनी हैं, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

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जिले में एसआईआर का काम चल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि ड्यूटी लगाते वक्त दूरी और सहूलियत का ध्यान नहीं रखा गया। मुरादनगर के शिक्षकों की कई किलोमीटर दूर खोड़ा और पसौंडा में ड्यूटी लगी है। स्कूल की छुट्टी दोपहर 3 बजे होती है। स्कूल से निकलने में 3:30 बज जाएंगे। इसके बाद मुरादनगर से खोड़ा या पसौंडा जाने के लिए एक से डेढ़ घंटे का सफर कर शिक्षक 5 बजे तक पहुंचेंगे। शाम 5:30 बजे के बाद दिन छुपना शुरू हो जाता है, यानि शिक्षकों को रात में बीएलओ कार्य करना होगा।

शिक्षकों का कहना है कि अगले महीने निपुण एवं अर्धवार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। चुनावी कार्य और बच्चों को निपुण बनाने के दबाव के चलते शिक्षक परेशान हैं। शिक्षक संगठनों ने जिलाधिकारी से शिक्षकों की ड्यूटी उन्हीं के विधानसभा क्षेत्रों में लगाने की मांग की है। साथ ही जहां एक या दो शिक्षक हैंं उन्हें इससे मुक्त करने की मांग की गई है, ताकि स्कूलों का संचालन सही से हो सके।

कई स्कूलों में एक या दो शिक्षक, सभी की लगा दी ड्यूटी : आरोप है कि कुछ स्कूल जहां एक-एक या दो-दो शिक्षक हैं उन सभी की ड्यूटी भी चुनावी काम में लगा दी गई है। इसके चलते स्कूलों का काम और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं, हालांकि चुनावी काम स्कूल की छुट्टी के बाद पूरा करने को कहा गया है। मगर प्रशिक्षण स्कूल में समय ही दिया गया। संगठनों का आरोप है कि जब अधिकारियों को इस बारे में बताया तो जवाब मिला कि पहले चुनाव हैं उसके बाद पढ़ाई। ऐसे में शिक्षकों को बिना अवकाश के ही स्कूलों पर ताला लगाकर जाना पड़ा। इससे छात्रों को वापस लौटना पड़ा।

आधे से ज्यादा शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी

जिले में कुल 2062 शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं। इनमें से लगभग 1200 की ड्यूटी बीएलओ के लिए लगी है। वहीं, सराय नजर पुख्ता प्राथमिक स्कूल, सराय नजर अली प्राथमिक स्कूल, राजनगर प्राथमिक स्कूल, घूकना प्राथमिक स्कूल, शहीद नगर प्राथमिक स्कूल समेत कई स्कूल हैं जहां केवल एक या दो शिक्षक हैं। बच्चों की पढ़ाई को अनदेखा कर इन सभी की ड्यूटी लगी है। कई शिक्षकों को दूर जाना पड़ेगा।

सौरभ भट्ट, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व, ''शिक्षकों की शिकायत पर विचार किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर जो भी आवश्यक होगा, वह बदलाव करेंगे।''

क्या है एसआईआर

चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर के सफल समापन के बाद बीते 27 अक्टूबर, 2025 को 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का आदेश दिया है।

एसआईआर के दूसरे चरण में 9 राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल और 3 केंद्र शासित प्रदेशों - अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी के 321 जिलों और 1,843 विधानसभा क्षेत्रों के लगभग 51 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया जाएगा।

इन 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया पूरे एक महीने, 4 दिसंबर, 2025 तक जारी रहेगी। एसआईआर से जुड़े राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में 27 अक्टूबर, 2025 तक शामिल प्रत्येक वोटर्स को एक खास फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा, जो आंशिक रूप से पहले से भरा होगा।

एसआईआर के लिए 5.3 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), 7.64 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), 10,448 ईआरओ/एईआरओ और 321 डीईओ को इस काम में लगाया गया है। इस दौरान बी.एल.ओ. कम से कम तीन बार घर-घर जाएंगे। वोटर्स https://voters.eci.gov.in/ पर अपना नाम और संबंधित रिश्तेदार का नाम पिछली एसआईआर वोटर लिस्ट में देख सकते हैं।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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