दिल्ली में आज से शुरू होगा SIR, वोटर्स के घर-घर जाएंगे BLO; ये डिटेल रखें तैयार
SIR In Delhi : दिल्ली में वोटर्स लिस्ट एसआईआर अभियान 30 जून से शुरू होगा और 29 जुलाई तक बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर वोटर्स को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और भरे हुए प्रपत्र एकत्र करेंगे। दिल्ली के सीईओ ऑफिस ने सोमवार को बताया कि राजधानी में एसआईआर 2026 अभियान की तैयारियां पूरी कर ली हैं।

दिल्ली में वोटर्स लिस्ट को पूरी तरह अपडेट करने और त्रुटिरहित बनाने के मकसद से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। 4 महीने चलने वाले इस अभियान में करीब 13 हजार बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर 1,45,10,298 मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, एसआईआर की यह प्रक्रिया सामान्य पुनरीक्षण से अलग और व्यापक होगा। इसका उद्देश्य यह तय करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही शामिल रहें और किसी भी प्रकार की त्रुटि, दोहराव या अपात्र नामों को चिन्हित कर मतदाता सूची से हटाया जा सके।
13 हजार बीएलओ मतदाताओं से संपर्क करेंगे
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि करीब 13 हजार बीएलओ निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान वे प्रत्येक मतदाता को एन्यूमरेशन फार्म (गणना प्रपत्र) की दो-दो कॉपी देंगे। मतदाता को एक फार्म पर अपना नाम, पता, 2002 में हुए एसआईआर के बाद तैयार हुई मतदाता सूची के अनुसार उनके विधानसभा क्षेत्र का नाम, बूथ का नाम, ईपीआईसी नंबर आदि जानकारी भरकर बीएलओ को लौटाना होगा। दूसरे फार्म पर भी इन्हीं जानकारियों को भरकर बीएलओ से उसकी पावती लेनी होगी। उन्होंने बताया कि किसी पते पर अगर मतदाता नहीं मिलता या स्थान बदल चुका है, तो उसका भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
2002 की मतदाता सूची के आधार पर देना होगा विवरण
दिल्ली के मौजूदा मतदाताओं को राजधानी में इससे पूर्व वर्ष 2002 में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची के आधार पर अपनी जानकारी बीएलओ को उपलब्ध करानी होगी, जिससे सत्यापन प्रक्रिया आसान हो सके। इसके लिए वे मुख्य चुनाव अधिकारी, दिल्ली की वेबसाइट पर मौजूद 2002 की वोटर लिस्ट में अपना नाम देख सकते हैं। यहां से वे अपनी जानकारी (नाम, राज्य का नाम, विधानसभा क्षेत्र का नाम, विधानसभा क्षेत्र का नंबर, पार्ट नंबर, सीरियल नंबर) नोट कर सकते हैं।
बीएलओ को देनी होंगी ये डिटेल
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक यह जानकारी वैसे ही नोट करनी होगी जैसे 2002 की वोटर लिस्ट में दिख रही है। यानी 2002 की वोटर लिस्ट में विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर वर्तमान से अलग है तो वही पुराना नाम और नंबर नोट करके उसकी जानकारी बीएलओ को देनी होगी। अगर कोई व्यक्ति उस समय मतदाता नहीं बना था तो उन्हें अपने पिता या माता का रिकॉर्ड फार्म में उपलब्ध कराना होगा।
दूसरे राज्यों से आए मतदाताओं का होगा मिलान
निर्वाचन विभाग उन मतदाताओं का भी विशेष सत्यापन करेगा, जो 2002 के बाद दूसरे राज्यों से दिल्ली आकर बसे हैं। ऐसे मतदाताओं की जानकारी उनके पूर्व राज्य की मतदाता सूची से मिलाई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका नाम एक से अधिक राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज न हो। यदि किसी व्यक्ति का नाम अभी भी उसके पुराने राज्य की मतदाता सूची में दर्ज मिलता है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और केवल एक स्थान पर ही उसका मतदाता पंजीकरण मान्य रहेगा। ऐसे मामलों में, वोटरों को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.voters.eci.gov.in पर अपनी जानकारी खोजनी होगी। संबंधित राज्य की वोटर लिस्ट (उस वर्ष की, जिस वर्ष में उनके राज्य में इससे पहले एसआईआर हुआ हो) खोलकर उससे अपनी जानकारी नोट कर लें। यह जानकारी बीएलओ को देनी हाेगी।
एसआईआर के बाद भी बन सकेंगे मतदाता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति की मतदाता बनने की आयु दिल्ली में एसआईआर पूरा होने के बाद पूरी हो तो उनका नाम बाद में मतदाता सूची में शामिल हो सकेगा। मतदाता बनने की 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद वे फार्म-6 भरकर बीएलओ को दे सकेंगे। मतदाता सूची साल भर समय-समय पर अपडेट होती है। नए मतदाता बनने पर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
फर्जी, दोहरे पंजीकरण पर रहेगी पैनी नजर
एसआईआर के दौरान निर्वाचन विभाग की विशेष निगरानी उन मामलों पर रहेगी, जहां एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज होने की आशंका है। इसके अलावा मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या अपात्र हो चुके मतदाताओं के नामों की भी जांच की जाएगी।
इन जानकारी को याद रखें
■ बीएलओ की ओर से मिलने वाले गणना प्रपत्र में एसआईआर से संबंधित विवरण भरकर एक प्रति बीएलओ को वापस करनी होगी और दूसरी अपने पास रखें।
■ एसआईआर के दौरान लोगों की सुविधा के लिए यह गणना फार्म ऑनलाइन भरने की सहूलियत भी दी जाएगी।
गणना फार्म के साथ मतदाताओं को कोई अन्य दस्तावेज जमा नहीं करना होगा।
■ अगर मतदाता का नाम वर्ष 2002 की सूची में नहीं है और उनके माता-पिता का नाम इस सूची में है, तो उसे गणना प्रपत्र में अपने माता-पिता / रिश्तेदारों का विवरण देना होगा।
एसआईआर से जुड़ी खास तारीखें
● 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।
● 5 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची (ड्राफ्ट लिस्ट) का प्रकाशन किया जाएगा।
● 5 अगस्त से 4 सितंबर तक इस मसौदा सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराए जा सकेंगे।
● 3 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
● 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।


