दिल्ली में SIR शुरू; 13 हजार से ज्यादा BLO जुटे, पहले दिन कितने बांटे गए पर्चे?
दिल्ली में मंगलवार को एसआईआर की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपना गणना-प्रपत्र यानी वोटर पर्चा भरा। लोगों से इस प्रक्रिया में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

दिल्ली में मंगलवार को SIR अभियान की शुरुआत हो गई है। पहले दिन करीब 1.68 लाख गणना-प्रपत्र बांटे गए। यही नहीं पहले दिन 7,600 से अधिक गणना-प्रपत्रों पर्चों को डिजिटाइज भी कर दिया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत अन्य नेताओं ने अपना प्रपत्र भरा। सीएम रेखा गुप्ता ने नागरिकों से इस प्रक्रिया में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की गुजारिश की है। गणना प्रपत्र यानी गणना पर्चे को जमा करने की अंतिम डेट 29 जुलाई है।
एक महीने तक चलने वाले SIR अभियान के दौरान 13 हजार से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को गणना-प्रपत्र यानी पर्चे बांटेंगे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पहले दिन कुल 1,68,291 गणना-प्रपत्र बांटे गए। यही नहीं मतदाताओं के भरे गए 7,605 पर्चे बीएलओ की ओर से डिजिटाइज किए गए।
दिल्ली के सीईओ अशोक कुमार ने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ का सहयोग करें और गणना-प्रपत्र सही-सही भरकर उन्हें सौंप दें। एसआईआर प्रपत्र भरने की आखिरी तारीख 29 जुलाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मतदाताओं से SIR में सक्रिय रूप से भाग लेने की भी अपील करते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र और मजबूत होगा। अपना गणना-प्रपत्र समय पर भरें और अपने बीएलओ को जमा करें।
गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया विवादों से घिरी रही है। विपक्षी पार्टियों ने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया की वैधता को बरकरार रखा था। आप और कांग्रेस समेत 23 राजनीतिक दलों ने मंगलवार को सीजेआई सूर्यकांत को SIR प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर एक संयुक्त पत्र भेजा।
कब जाएंगे बीएलओ?
अधिकारियों ने बताया कि BLA को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह जल्दी और शाम के समय जब लोग घर पर मौजूद हों तब घर-घर जाकर सत्यापन करें। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल भी अपने बूथ एजेंट (बीएलए) के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण में भाग ले रहे हैं, ताकि लोगों को प्रपत्र भरने और जमा कराने में सहायता मिल सके।
13,033 मतदान केंद्र, मिलेंगे दो पर्चे
दिल्ली में 7 लोकसभा क्षेत्रों और 70 विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत 13,033 मतदान केंद्र हैं। SIR के दौरान बीएलओ हर मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां देंगे। इन्हें 2002 में हुए पिछले SIR के आधार पर अपनी जानकारी भरनी होगी। इनमें से एक प्रति रसीद पावती के रूप में मतदाता के पास रहेगी जबकि दूसरी प्रति बीएलओ को वापस करनी होगी। गणना प्रपत्र के साथ कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है।
वोटर लिस्ट में रहना है तो भरना ही होगा पर्चा
हर मतदाता को यह गणना प्रपत्र भरना होगा ताकि सात अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम शामिल हो सकें। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, जो लोग गणना-प्रपत्र नहीं भरेंगे, उनके नाम पांच अगस्त को जारी होने वाली मसौदा मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। घर-घर सर्वेक्षण के दौरान यदि कोई घर बंद मिलता है तो संबंधित बीएलओ वहां कम से कम तीन बार जाएगा।
दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता
दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला वोटर शामिल हैं। थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 1,024 है जबकि दिव्यांग वोटरों की संख्या 76,155 है। यदि कोई मतदाता 2002 के बाद दिल्ली में आकर बसा है तो उसे अपने मूल राज्य की SIR की जानकारी भी प्रपत्र में भरनी होगी जहां वह पहले वोटर था। सभी राज्यों की मतदाता सूचियां निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। SIR प्रक्रिया में ऑनलाइन भी भाग ले सकते हैं।


