दिल्ली में SIR की आ गई डेट; कब से घर-घर जाकर सर्वे करेंगे BLO, कब फाइनल लिस्ट?
दिल्ली में भी SIR शुरू होने जा रहा है। SIR की औपचारिक शुरुआत तो 20 जून से ही प्रशिक्षण और तैयारियों के साथ हो जाएगी लेकिन 30 जून से BLO घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।

दिल्ली में एसआईआर शुरू होने जा रहा है। निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, दिल्ली में 20 जून से 'विशेष गहन पुनरीक्षण' अभियान की औपचारिक शुरुआत प्रशिक्षण और तैयारियों के साथ हो जाएगी लेकिन असल में 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने लगेंगे। 5 अगस्त को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होगा। मतदाता 5 अगस्त से 4 सितंबर तक अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे, जिनका निस्तारण 3 अक्टूबर तक किया जाएगा। अंततः सभी सुधारों के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
दिल्ली में SIR की तैयारियां पूरी
अधिकारियों की मानें तो 1.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं की समीक्षा करने वाली इस प्रक्रिया की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) दफ्तर के एक अधिकारी ने कहा कि हमने दिल्ली में एसआईआर की तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसआईआर को लेकर जारी शेड्यूल के अनुसार, सबसे पहले ट्रेनिंग दी जाएगी। फिर बीएलओ घर-घर जाकर वोटर लिस्ट के फैक्ट जांचेंगे।
13 हजार से अधिक BLO लेंगे भाग
इसमें प्रशिक्षण भी शामिल है। इसके अलावा इस कवायद के लिए बीएलओ सहित कर्मियों को 20 जून से गहन ट्रेनिंग दी जाएगी। SIR के पूरा होने के बाद दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। SIR के तहत घर-घर जाकर सत्यापन करने के अभियान में 13 हजार से अधिक बीएलओ भाग लेंगे।
कब क्या होगा? पूरा शेड्यूल
- 20 जून से 26 जून तक प्रशिक्षण
- 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर बीएलओ करेंगे सर्वेक्षण
- मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 29 जुलाई तक
- 5 अगस्त को वोटर लिस्ट के मसौदे का प्रकाशन
- 5 अगस्त से 4 सितंबर तक कर सकते हैं दावे और आपत्तियां
- 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक सूचना चरण/दावों और आपत्तियों का निस्तारण
- 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
हाईकोर्ट ने भी आयोग से कही थी यह बात
उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल जनवनी के महीने में एक याचिका पर चुनाव आयोग से कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी की वोटर लिस्ट में नामों के कथित दोहराव पर चिंता जताने वाली याचिका पर विचार करे। अदालत ने आयोग से कहा कि वह तकनीक की मदद से इस तरह के दोहराव को खत्म करने के लिए काम करे। याचिकाकर्ता का कहना था कि जब तक आयोग वोटर लिस्ट में संशोधन पर विचार करेगा तब तक तो दिल्ली में विधानसभा चुनाव हो चुके होंगे। इस पर अदालत का कहना था कि वोटर लिस्ट में संशोधन की एक प्रक्रिया है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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