Hindi Newsएनसीआर Newsshopkeepers in delhi facing problems accepting payments via UPI what impact on businesses
UPI से पेमेंट लेकर कैसे परेशानी में फंस रहे दिल्ली के दुकानदार, कारोबार पर क्या असर?

UPI से पेमेंट लेकर कैसे परेशानी में फंस रहे दिल्ली के दुकानदार, कारोबार पर क्या असर?

संक्षेप:

केंद्र सरकार यूपीआई से पेमेंट को प्रमोट कर रही है, लेकिन दिल्ली के व्यापारी ऑनलाइन भुगतान लेकर फंस रहे हैं। सदर बाजार और कूचा महाजनी के कई दुकानदार यह परेशानी झेल चुके हैं। हालांकि अब गृह मंत्रालय ने खाते में रकम सीज करने और रकम जारी करने के संबंध में एसओपी जारी कर दी है।

Jan 19, 2026 05:58 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

केंद्र सरकार यूपीआई से भुगतान को प्रमोट कर रही है, लेकिन दिल्ली के व्यापारी ऑनलाइन भुगतान लेकर फंस रहे हैं। साइबर फ्रॉड में शामिल लोग बाजारों में खरीदारी करके दुकानदारों को यूपीआई से भुगतान कर देते हैं, इसके बाद पुलिस व्यापारियों के बैंक खाते सीज कर देती है। दिल्ली के सदर बाजार और कूचा महाजनी के कई दुकानदार इस परेशानी को झेल चुके हैं। हालांकि अब गृह मंत्रालय ने खाते में रकम सीज करने और रकम जारी करने के संबंध में एसओपी जारी कर दी है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि इसमें अभी संशोधन की जरूरत है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

‘कारोबार प्रभावित हो गया था’

फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि बीते दिनों सदर बाजार में धूपबत्ती के थोक कारोबारी और एक अन्य जनरल मर्चेंट दुकानदार के खाते पुलिस ने सीज कर दिए। इनके खातों में किसी ग्राहक ने यूपीआई से भुगतान किया, पुलिस के मुताबिक उन ग्राहकों ने साइबर फ्रॉड किया है। राकेश यादव ने बताया कि इन दोनों व्यापारियों के खातों में ग्राहकों ने मामूली रकम का ट्रांजेक्शन किया था, लेकिन खाते सीज हो जाने के कारण करोड़ों की रकम ब्लॉक हो गई। इसके कारण उनका लेनदेन और कारोबार प्रभावित हो गया। भागदौड़ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद उनके खाते बहाल किए गए।

‘भारी परेशानी उठानी पड़ी थी’

कूचा महाजनी की ऑल बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन योगेश सिंघल ने बताया कि बीते छह माह में तकरीबन 10 से ज्यादा थोक सर्राफा कारोबारियों के खाते पुलिस ने सीज किए। पुलिस का दावा था कि जिन ग्राहकों से व्यापारियों ने ऑनलाइन पैसा लिया वे साइबर फ्रॉड शामिल रहे हैं। पुलिस से जानकारी की तो पता चला कि पुलिस ने पूरी चेन में करीब 7 खाते सीज किए हैं। इसके बाद कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर बड़ी मुश्किल से खाते बहाल कराए गए और दुकानदार अपने खातों से लेनदेन कर पाए। तकरीबन दो महीने की अवधि में दुकानदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

UPI fraud

व्यापारियों की मांग

● दुकानदार द्वारा किए लेनदेन की रकम केवल उसी राशि तक फ्रीज की जाए, बाकी खाता खुला रहे

● यूपीआई फ्रॉड में पूरी चेन के खाते सीज करने के बजाय सीधे संबंधित ट्रांजेक्शन पर रोक लगे

● व्यापारियों को साइबर फ्रॉड में शामिल लोगों और उनके यूपीआई खातों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए

खाता सीज : तो क्या करें

● खाता सीज होने पर बैंक शाखा जाकर कारण, शिकायत नंबर और एजेंसी का विवरण लें

● बैंक से मिली जानकारी के साथ संबंधित साइबर सेल से संपर्क कर ब्योरा साझा करें

● लेनदेन से जुड़े सभी सबूत जैसे स्क्रीनशॉट, रसीद और स्टेटमेंट पुलिस को समय पर उपलब्ध कराएं

एसओपी सही, लेकिन व्यापारियों को राहत नहीं

गृह मंत्रालय की ओर से साइबर धोखाधड़ी मामलों में जारी एसओपी को व्यापारियों ने आंशिक रूप से सही बताया है, लेकिन इसे राहत के लिहाज से नाकाफी माना है। सदर बाजार के व्यापारी राकेश यादव का कहना है कि एसओपी में अधिकांश प्रावधान पहले ही अदालतों के आदेशों में शामिल हैं। 90 दिनों तक खाता फ्रीज रखना व्यावहारिक नहीं है, इससे कारोबार ठप हो जाता है। अवधि 15 दिन की होनी चाहिए।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज , धर्म ज्योतिष , एजुकेशन न्यूज़ , राशिफल और पंचांग पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।