
कार्रवाई न्याय आधारित हो; लाल किला धमाके की निंदा करते हुए बोले दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम
राष्ट्रीय राजधानी के बीच में हुए इस आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बुखारी ने कहा, 'नागरिक समाज में आतंकवाद का कोई आधार नहीं है और न ही हो सकता है।' उन्होंने आगे कहा, मुस्लिम समुदाय इस अहम मौके पर अपने हमवतन भारतीयों के साथ मजबूत दीवार की तरह खड़ा है।
दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम को हुए कार धमाके के तीन दिन बाद शहर की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक घृणित आतंकवादी हमला बताया है और कहा कि सभ्य नागरिक समाज में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। साथ ही यह भी कहा कि इस घटना को लेकर की जाने वाली कोई भी कार्रवाई न्याय पर आधारित होनी चाहिए।
इस बारे में गुरुवार को जामा मस्जिद की तरफ से जारी बयान में शाही इमाम ने कहा, 'हम दृढ़ राष्ट्रीय संकल्प के साथ, आतंकवाद के खतरे से एकजुट होकर लड़ेंगे और इसे हराने में सफल होंगे।' बता दें कि सोमवार शाम दिल्ली के लाल किले के पास हुए एक उच्च-तीव्रता वाले विस्फोट में 13 लोगों की जान चली गई थी।
राष्ट्रीय राजधानी के बीच में हुए इस आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बुखारी ने कहा, 'नागरिक समाज में आतंकवाद का कोई आधार नहीं है और न ही हो सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत मुस्लिम समुदाय इस अहम मौके पर अपने हमवतन भारतीयों के साथ एक सीसे सी मजबूत दीवार की तरह खड़ा है।'
उन्होंने यह भी उम्मीद भी जताई कि देश का राष्ट्रीय नेतृत्व अपराधियों और उनके संरक्षकों को न्याय के कटघरे में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में की जाने वाली कोई भी कार्रवाई न्याय पर आधारित होनी चाहिए।
इस दौरान शाही इमाम ने इस विस्फोट में मारे गए लोगों को लेकर भी शोक व्यक्त किया, और कहा कि इस घटना में अपने परिजनों को खोने वाले प्रभावित परिवारों के प्रति उनकी गहरी सहानुभूति और एकजुटता है। उन्होंने कहा, 'उनका दुःख सामूहिक रूप से हमारा दुःख है। हम करुणा की अटूट नींव पर उनके साथ खड़े हैं।'





