
TV के शोर में दब गईं बुजुर्ग दंपती की चीखें?, शाहदरा डबल मर्डर में क्या-क्या बातें आईं सामने
दिल्ली के शाहदरा में बुजुर्ग दंपती के सनसनीखेज डबल मर्डर ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। 4 मंजिला इमारत के थर्ड फ्लोर पर रहने वाले रिटायर्ड टीचर और उनकी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस वारदात में किसी करीबी के होने की आशंका जताई है।
दिल्ली के शाहदरा इलाके के रामनगर एक्सटेंशन में शनिवार देर रात हुए बुजुर्ग दंपती के सनसनीखेज डबल मर्डर ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। 4 मंजिला इमारत के थर्ड फ्लोर पर रहने वाले रिटायर्ड टीचर 75 वर्षीय वीरेंद्र कुमार बंसल और उनकी पत्नी 70 वर्षीय परवेश बंसल की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस वारदात में किसी करीबी के होने की आशंका जताई है।
वारदात का जरा भी आभास नहीं हुआ : पड़ोसियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें इस वारदात का जरा भी आभास नहीं हुआ। शनिवार रात करीब 12:15 बजे तक बंसल परिवार के फ्लैट से टीवी की आवाज बहुत तेज आ रही थी। माना जा रहा है कि कातिलों ने सोची-समझी रणनीति के तहत टीवी की आवाज तेज की ताकि चीख-पुकार बाहर न जा सके। 220 गज में बनी इस आठ फ्लैटों वाली इमारत में लिफ्ट और सीढ़ियों का आवागमन रहता है, लेकिन उस रात किसी ने कुछ असामान्य नहीं देखा। पड़ोसियों को घटना की जानकारी तब हुई जब रविवार सुबह पुलिस की गाड़ियों ने पूरी गली को घेर लिया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, फ्लैट के मेन गेट पर अत्याधुनिक ‘सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम’ लगा हुआ है, जिसे बाहर से तोड़ना लगभग असंभव है। पुलिस को मौके पर फोर्स एंट्री के कोई निशान नहीं मिले हैं।
घर से कुछ गहने गायब
जांच अधिकारियों का मानना है कि कातिलों के पास या तो चाबी थी अथवा दंपती ने खुद दरवाजा खोला था। जांच में सामने आया कि वीरेंद्र बंसल ने एक सप्ताह पहले ही नीचे रहने वाले पड़ोसियों को मेन गेट पर ताला लगाने से मना किया था, क्योंकि उनका बेटा वैभव अक्सर देर रात घर लौटता था। हालांकि, घर से कुछ गहने गायब हैं, लेकिन पुलिस इसे लूट की जगह हत्या को लूट का रूप देने की साजिश के नजरिये से भी देख रही है।
बहुत कम मेल-जोल रखते थे : मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बागपत (खेकड़ा) का रहने वाला यह परिवार पिछले कई सालों से दिल्ली में रह रहा था। वीरेंद्र बंसल ज्योति नगर स्थित सरकारी स्कूल में टीचर थे और 15 साल पहले रिटायर हुए थे। उनकी पत्नी परवेश 8 महीने पहले हुए घुटने के ऑपरेशन के कारण घर तक ही सीमित रहती थीं। उनका 27 वर्षीय बेटा वैभव स्टॉक ट्रेडिंग का काम करता है, जिसके बारे में पड़ोसियों का कहना है कि वह बहुत कम मेल-जोल रखता था। शादीशुदा बेटी एकता मुजफ्फरनगर में रहती है और वह भी टीचर है।
वीरेंद्र के चेहरे और सिर पर मिले चोट के निशान
पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो नजारा विचलित करने वाला था। वीरेंद्र और परवेश के शव अलग-अलग कमरों में पड़े थे। क्राइम टीम और एफएसएल की जांच में पाया गया कि वीरेंद्र के चेहरे और सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार के गहरे घाव थे। इसके विपरीत, परवेश के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी। प्राथमिक जांच में उनकी मौत का कारण गला घोंटना बताया जा रहा है। हत्या के दो अलग-अलग तरीकों ने पुलिस को उलझा दिया है।
मेन गेट पर लगा सीसीटीवी कैमरा खराब
इमारत के मेन गेट पर लगा सीसीटीवी कैमरा खराब पाया गया है। पता चला है कि 3 महीने पहले ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य के दौरान कैमरा खराब हो गया था, जिसे ठीक नहीं कराया गया। हालांकि, पुलिस ने आसपास की गलियों के फुटेज खंगाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार शाम 5 बजे जब वैभव घर से निकला, उसके कुछ समय बाद एक स्कूटी पर दो संदिग्धों को गली में प्रवेश करते देखा गया। वहीं, एक तीसरा व्यक्ति चेहरे पर मास्क लगाकर घर के आसपास टहल रहा था। काफी देर बाद स्कूटी सवार वहां से जाते हुए दिखे। पुलिस अब इन संदिग्धों के हुलिए और स्कूटी के नंबर की पहचान करने में जुटी है।





