नाले की गैस से बन रही चाय-खाना! गाजियाबाद में शख्स का अनोखा दावा, क्या बोले एक्सपर्ट?
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट 4 के नाले में ड्रम और पाइप लगाकर गैस निकालने की बात कही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी संकट में मजदूर तबके के लोगों के लिए यह बड़ी राहत हो सकती है।

गाजियाबाद में नाले से निकलने वाली मीथेन गैस को इकट्ठा कर खाना बनाया जा रहा है। यह दावा बृज विहार में रहने वाले बुजुर्ग हेमंत भारद्वाज ने किया है। उन्होंने साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट 4 के नाले में ड्रम और पाइप लगाकर गैस निकालने की बात कही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी संकट में मजदूर तबके के लोगों के लिए यह बड़ी राहत हो सकती है।
10 साल पहले प्रयोग किया था
साइट 4 का नाला शहर के सबसे बड़े नालों में से एक है, जिसमें औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला अपशिष्ट जमा रहता है। नाले के पास बृज विहार के ए ब्लॉक में रहने वाले हेमंत भारद्वाज ने चार ड्रम नाले में लगाए हैं। हेमंत का कहना है कि उन्होंने यह प्रयोग करीब 10 साल पहले किया था। इससे वह नाले के पास अटल मशाल जलाते थे। मौजूदा संकट को देखते हुए फिर से गैस की व्यवस्था की है।
नाली की गैस से बना रहे खाना और चाय
ड्रमों का खुला सिरा नाले में अंदर तक दबाया है। ऊपर ढक्कन पर मजबूती से एक-एक पाइप लगाया है। चारों ड्रमों को एक लाइन से जोड़कर इसे अपने घर की दीवार के पास रखे बर्नर से जोड़ दिया है। हेमंत का कहना है कि नाले से निकली मीथेन गैस जैसे-जैसे ड्रम में भरती है, यह ऊपर आता जाता है। ड्रम गिरे नहीं, इसीलिए इसे एक केज से जोड़ा है। उनके मुताबिक 24 घंटे में एक ड्रम से आधे घंटे तक के प्रयोग के लिए गैस मिल जाती है। वह इसका उपयोग खाने और चाय बनाने में कर रहे हैं।
एक्सपर्ट का क्या कहना है
वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरीके से मीथेन गैस का उपयोग हो सकता है, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है। साथ ही इस गैस का उपयोग करने से आसपास बेहद दुर्गंध फैल जाती है। वहीं हेमंत भारद्वाज का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को जरूरत पड़ने पर वह इसी तरह से और भी इंतजाम करेंगे ताकि उन्हें परेशानी न हो।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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