काम की बात: दिल्ली से चलने वाली कई ट्रेनें कुछ दिनों के लिए रद्द, आनंद विहार से मुजफ्फरपुर के लिए विशेष रेलगाड़ी
दिल्ली के किशनगंज इलाके में चल रहे नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते रेलवे द्वारा ट्रैफिक ब्लॉक किया जाएगा। इसके चलते लगभग एक दर्जन रेलगाड़ियां कुछ दिनों के लिए रद्द रहेंगी। वहीं कुछ गाड़ियों को दूसरे मार्ग से चलाया जाएगा जबकि कुछ रेलगाड़ियों की यात्रा गंतव्य से पूर्व समाप्त की जाएगी।

दिल्ली के किशनगंज इलाके में चल रहे नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते रेलवे द्वारा ट्रैफिक ब्लॉक किया जाएगा। इसके चलते लगभग एक दर्जन रेलगाड़ियां कुछ दिनों के लिए रद्द रहेंगी। वहीं कुछ गाड़ियों को दूसरे मार्ग से चलाया जाएगा जबकि कुछ रेलगाड़ियों की यात्रा गंतव्य से पूर्व समाप्त की जाएगी।
उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार किशनगंज पर होने वाले नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते नई दिल्ली से रोहतक के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 14323-24 आगामी 13 मई तक रद्द रहेगी। दिल्ली से जींद के बीच चलने वाली 54031-32 आगामी 14 मई तक जबकि 54034 आगामी 13 मई तक रद्द रहेगी। दिल्ली से नरवाना के बीच चलने वाली 54033 आगामी 10, 11 और 12 मई को रद्द की गई है। मुख्य प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली से जाखल के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 54035 आगामी 13 मई तक जबकि 54036 आगामी 10 से 12 मई तक रद्द रहेगी।
कई के रूट बदले, कई के गंतव्य में बदलाव
दिल्ली जंक्शन से शामली जाने वाली गाड़ी संख्या 54057 आगामी 13 मई तक जबकि वापसी वाली गाड़ी संख्या 54058 आगामी 14 मई तक रद्द रहेगी। शकूर बस्ती से नई दिल्ली के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 64018 भी आगामी 13 मई तक रद्द रहेगी। इसके अलावा लगभग एक दर्जन गाड़ियों के रूट बदले गए हैं जबकि 21 गाड़ियों के गंतव्य में बदलाव किया गया है।
मुज्जफरपुर के लिए चलेगी विशेष रेलगाड़ी
आनंद विहार से मुज्जफरपुर जंक्शन के बीच विशेष रेलगाड़ी का परिचालन किया जाएगा। गाड़ी आनंद विहार से आठ और 15 मई (शुक्रवार) को चलकर मुज्जफरपुर जाएगी। वापसी में मुज्जफरपुर जंक्शन से नौ और 16 मई (शनिवार) को चलकर आनंद विहार आएगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


