कॉकरोच जनता पार्टी चाहती थी जिन सवालों पर चुप्पी, उन पर ही मच गया शोर; उल्टा पड़ गया पंजाब वाला दांव
सौरभ दास और रत्ना सिंह ने पंजाब के तीन स्कूलों का दौरा किया, लेकिन नए नवेले स्कूल में जाकर उन्होंने जिस तरह इसकी तारीफ की, सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ऑडिट की बजाय पीआर और विज्ञापन कहना शुरू कर दिया।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) चाहती थी उन आलोचकों का मुंह पूरी तरह बंद कर दिया जाए जो उन्हें बार-बार पूछते हैं कि उनकी टीम 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत पंजाब क्यों नहीं जाती? सिर्फ भाजपा शासित राज्यों के स्कूलों की दुर्दशा दिखाने की वजह से सवालों में घिरने वाली सीजेपी पंजाब, कर्नाटक और झारखंड में अपनी टीमों को भेजकर छवि बदलना चाहती थी। लेकिन यह दांव काफी हद तक उल्टा पड़ता दिख रहा है। खासकर पंजाब में जिस तरह का 'ऑडिट' सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास ने किया उस पर बहुत शोर मच गया है। आम आदमी पार्टी (आप) से पुराने जुड़ाव की वजह से सीजेपी की साख पर पहले ही जो सवाल उठा रहे थे, वे सीजेपी के इस वीडियो को आरोपों पर मुहर बता रहे हैं।
दरअसल, सौरभ दास और सीजेपी की लीगल डिपार्टमेंट की हेड रत्ना सिंह ने पंजाब के तीन स्कूलों का सोशल ऑडिट किया। लेकिन लोगों को सीजेपी नेता इसमें काफी बदले-बदले नजर आए। स्कूलों के चुनाव, ऑडिट के तरीके और कमियों की बजाय खूबियां गिनाने को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं और इसे विज्ञापन और पीआर तक बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि सीजेपी राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्यों में ग्रामीण इलाकों के टूटे-फूटे स्कूल दिखाकर सरकार को घेरती है, जबकि पंजाब वे लुधियाना शहर के उस स्कूल में गए जिसका उद्घाटन महज दो साल पहले किया गया है और जिसे सरकार अपने मॉडल स्कूल के तौर पर पेश करती है।
सौरभ दास ने 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' में जाकर इसके स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट और एआई लैब को दिखाकर स्कूल को बेहद शानदार बताया। उन्होंने इसके रिजल्ट की भी तारीफ की। इसके अलावा जिन दो स्कूलों में गए उनकी इमारतों को बेहद पुराना तो बताया लेकिन यह कहकर बचाव भी किया कि सरकार ने इनमें पिछले कुछ सालों में काफी काम किया है। अब इन्हीं बातों को लेकर सौरभ दास समेत पूरी सीजेपी को घेरा जा रहा है। सोशल मीडिया पर सीजेपी और 'आप' के रिश्तों को लेकर बहस तेज हो गई है।
आलोचकों ने मचा दिया शोर
सौरभ दास ने 'पंजाब स्कूल्स सोशल ऑडिट' नाम से जैसे ही वीडियो को एक्स पर पोस्ट किया बड़ी संख्या में लोग इस पर प्रतिक्रिया देने लगे। करीब 20 घंटे में सिर्फ सौरभ के पोस्ट पर करीब 5200 यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें अधिकतर लोगों ने ऑडिट की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं और इसे 'आप' सरकार के साथ मिलीभगत करके पीआर स्टंट बताया है। हमने जब ग्रोक से सभी कॉमेंट्स का विश्वेषण करने को कहा तो जवाब मिला, 'हालिया और टॉप जवाबों (कुल 5200 में से) में करीब 85-95' फीसदी सौरभ दास या सीजेपी के लिए नकारात्मक हैं। अधिकतर में कहा गया है कि एमिनेंस स्कूल का चुनाव पीआर या पेड पब्लिसिटी है, स्वतंत्र ऑडिट की बजाय। सकारात्मक जवाब हेद कम हैं।'
सोशल मीडिया पर क्या कह रहे लोग?
'देसी जेन जी' नाम के हैंडल से लिखा गया, 'आप शासित बनाम बीजेपी/कांग्रेस शासित राज्यों में ऑडिट के दौरान आपका पक्षपात साफ दिख रहा है।' एसके शुक्ला नाम के एक यूजर ने कहा, 'यह एक ऑटिट है मिस्टर दास, यह कंटेंट क्रिएशन है। यह पॉलिटिकल ब्रैंडिंग है। यह आप सरकार के बचाव का नपातुला तरीका है।' बहुत से सोशल मीडिया यूजर्स ने पंजाब के अलग-अलग स्कूलों के वीडियो शेयर करते हुए सवाल किया कि सीजेपी की टीम इन स्कूलों में क्यों नहीं गई, जहां स्थिति बेहद खराब है। मनीष तोमर नाम के एक यूजर ने लिखा, 'यदि आपकी मंशा अच्छी होती, आपने ऐसे स्कूल दिखाए होते जिन पर वास्तव में ध्यान देने की जरूरत है, भले ही किसी भी पार्टी की सरकार हो। लेकिन कोई बात नहीं, हम सब जानते हैं कि आप यह नहीं करेंगे।'


