सौरभ दास और आशुतोष रांका 'लिबरल्स' पर भड़क गए, कहा- कई बार वे BJP इकोसिस्टम से भी बुरे
कॉकरोच जनता पार्टी के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास ने कथित लिबरल्स को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि वे अभिजीत दीपके की आलोचना कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्र सरकार के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अब कथित 'लिबरल्स इकोसिस्टम' पर ही भड़क गई है। सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका ने शनिवार को इनकी आलोचना करते हुए यहां तक कहा कि वे कई बार भाजपा के इकोसिस्टम से भी बुरा बर्ताव करते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के मुंबई और लेफ्ट समेत कई दलों-संगठनों के दिल्ली में प्रदर्शन के एक दिन बाद यह टकराव देखने को मिला है।
आशुतोष रांका या सौरभ दास ने इस तरह की बातें क्यों कहीं, इसको लेकर कोई वजह तो नहीं बताई है। लेकिन माना जा रहा है कि लेफ्ट, कांग्रेस और सीजेपी के बीच 'जेन जी' की अगुआई को लेकर टकराव हो गया है। मुद्दों पर सहमति के बावजूद आंदोलन के नेतृत्व और क्रेडिट को लेकर खींचतान चल रही है। अलग-अलग खेमों की तरफ से भाजपा के खिलाफ लड़ाई में खुद को ज्यादा मजबूत और दूसरे से बेहतर बताया जा रहा है। यही वजह है कि शनिवार को सीजेपी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और वाम दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला तो उनके बीच तालमेल का अभाव दिखा। कोई मुंबई गया तो कोई दिल्ली में रहा और किसी ने सोशल मीडिया पर सिर्फ बयानबाजी ही की। जंतर-मंतर जाने का समय भी सबका अलग-अलग रहा।
आशुतोष रांका ने क्या कहा
सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका ने पलटवार करते हुए कहा, 'एक पूरा 'स्वघोषित लिबरल' इकोसिस्टम अभिजीत दीपके और लंबे समय बाद लाखों भारतीयों की कल्पना को प्रभावित करने की निंदा के लिए सक्रिय हो गया है। हास्यास्पद है कि यह इकोसिस्टम सिर्फ ट्विटर पर मौजूद है लेकिन वे सोचते हैं कि वे लोकतंत्र के एकमात्र रक्षक हैं। आशुतोष रांका की टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि सीजेपी आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के इशारों पर ही चल रही है। उन्होंने कहा कि असम में रांका और अन्य को हिरासत से कांग्रेस ने छुड़ाया, लेकिन उन्होंने गौरव गोगोई से मुलाकात से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा आम आदमी पार्टी के कहने पर हुआ। उन्होंने नेहा बोरा को नजरअंदाज करने और राहुल गांधी को साथ ना लेने को लेकर भी कोसा।
सौरभ दास ने भी निकाली भड़ास
सीजेपी के दूसरे सह-संयोजक सौरभ दास ने इस बात को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, 'यह बहुत बड़ी समस्या है। एक खास वर्ग- केवल बीजेपी नहीं- दूसरी पार्टी सोचती है कि 'भारत और संविधान को बचाना' केवल उनका काम है। वे स्वघोषित लिबरल्स और स्वघोषित संविधान के ठेकेदार हैं। यह बेहद कुंठित मानसिकता वाला तंत्र है जो कई बार बीजेपी के इकोसिस्टम से भी खराब व्यवहार करता है। उन्हें यह समझना चाहिए वे इस तरह से बांट करके राज नहीं कर सकते। सालों तक उनकी विफलता ने हमें इस मोड़ पर लाकर खड़ा किया है जहां युवाओं को रास्ता दिखाना पड़ रहा है। उन्हें अपनी राय हम पर नहीं थोपनी चाहिए और इस बात पर ध्यान लगाएं कि युवाओं का समर्थन कैसे करें। एकदम मूर्खों का जमावड़ा।'


