सत्य निकेतन हादसे के बाद ऐक्शन में MCD, इन इलाकों में अवैध PG का सर्वे
सत्य निकेतम में गिरी बिल्डिंग के बाद एमसीडी ने भी कार्रवई भी शुरू कर दी है। कई इलाकों में अवैध पीजी का सर्वे शुरू हो गया है।

सत्य निकेतन में इमारत गिरने के दो दिन बाद दिल्ली में एमसीडी ऐक्शन मोड में नजर आ रहा है। लक्ष्मी नगर और विश्वास नगर में एमसीडी कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत अवैध पीजी का स्ट्रक्चरल ऑडिट और सर्वे शुरू कर दिया है। टीमें लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, इंदिरा विहार, पटेल चेस्ट और मालवीय नगर जैसे इलाकों में छात्रों के रहने की जगहों का निरीक्षण कर रही हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देशों पर दिल्ली में पीजी होस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। उन्होंने एमसीडी को अपने श्रेत्राधिकार में आने वाले सभी पीजी हॉस्टल की जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद एमसीड ने सभी जोन के कार्यकारी इंजीनियर (भवन) को उनके क्षेत्र की इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि जांच से जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाई कोर्ट में 10 दिन के भीतर दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। संबंधित एडिश्नल कमिश्नर निरीक्षण और रिपोर्ट की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे। हादसे के बाद दक्षिण क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार के निलंबन के मद्देनजर आईएएस अधिकारी शाश्वत सौरभ को एमसीडी के दक्षिण क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी संभालेंगे और अगले आदेश तक पद पर रहेंगे।
डेढ़ महीने में लागू होगी पीजी और कोचिंग संस्थानों के लिए नीति
उधर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार ने कहा है कि दिल्ली सरकार शहर में 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) आवास और कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए डेढ़ महीने में एक नीति और वेब पोर्टल तैयार करेगी। सूद ने पीजी में रहने वाले छात्रों से मुलाकात करके उनकी समस्याएं सुनीं।
सूद ने कहा, हम इस पर पहले से ही काम कर रहे थे, लेकिन इस दुखद घटना ने हमें गौबा समिति की रिपोर्ट को जल्द लागू करने और एक नीति बनाने के काम में तेजी लाने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के साउथ कैंपस और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले पेशेवर कॉलेजों के छात्रों को पीजी में रहने वालों के रूप में अपनी समस्याएं बताने के लिए बुलाया गया था।
भाषा से इनपुट


