सत्य निकेतन हादसा : PG मालिकों ने पहले से रेंट एग्रीमेंट में कर रखा था बचने का इंतजाम? सामने आई यह बात
सत्य निकेतन के पीजी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सोशल में वायरल हो रहे एक रेंट एग्रीमेंट के मुताबिक पीजी मालिकों ने किसी भी हादसे की स्थिति में कार्रवाई से बचने के लिए पहले ही अपना इंतजाम कर लिया था। रविवार को यहां पांच मंजिला इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद अब इस हादसे की वजह और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इमारत ढहने के बाद सोशल मीडिया में पीजी के रेंट एग्रीमेंट का कागज वायरल हो रहा है।
इसमें दावा किया गया है कि एग्रीमेंट की शर्तों में साफ लिखा है कि पीजी में किसी भी प्रकार की दुर्घटना, जोखिम या जनहानि होने पर पीजी प्रबंधन की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। ऐसे में छात्रों में इसे लेकर रोष देखने को मिल रहा है। छात्रों का कहना है कि वह रेंट देकर रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। वहीं, उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि पीजी संचालक तीन महीने का एक साथ किराया वसूलते हैं। अब हादसे के बाद पहले से ली गई रकम वापस करने को भी तैयार नहीं हो रहे हैं। यहां भोजन भी काफी खराब मिलता है।
पीजी मालिक-पत्नी को जेल, बेटे को पुलिस रिमांड में भेजा
सत्य निकेतन हादसे में पुलिस ने सोमवार को इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने हरिराम और उसकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।
एमसीडी के 5 अफसर सस्पेंड
पीजी हादसे के बाद सुस्त सिस्टम भी सक्रिय हुआ और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर निगम उपायुक्त समेत पांच जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, पीजी और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों का ऑडिट कराने का फैसला किया गया है।
दोषी अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यदि जांच में कोई अन्य अधिकारी भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम के साथ मिलकर पीजी और नर्सिंग होम के लिए ऐसी नीति बनाई जाएगी, जिससे इन भवनों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फिलहाल प्रभावित छात्रों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है।
असुरक्षित इमारतें खाली कराई गईं
मुख्यमंत्री ने हादसे में गिरी इमारत से सटे असुरक्षित मकान को भी गिराने के आदेश दिए हैं। अधिकतर मकानों को रविवार को ही खाली करा लिया गया था। कुछ मकान सोमवार को भी खाली कराए गए। इसके बाद काफी संख्या में इनमें रह रहे विद्यार्थियों को अपने स्थानीय अभिभावकों और दोस्तों के पास शिफ्ट होना पड़ा।
सातों मृतकों के शव परिजनों को सौंपे
सत्य निकेतन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। हादसे में मारे गए सभी सातों लोगों के शव की पहचान हो गई है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार सभी सातों मृतकों का पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतकों में पांच दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र थे, जो उस पीजी में रह रहे थे जिसके गिरने से मलबे में दबकर उनकी मौत हो गई। इसके अलावा दो मजदूर थे, इनमें सुरेंद्र सिंह व पवन लाल कोरी शामिल हैं।
इन्होंने गंवाई जान
● अभिषेक कुमार- 19 वर्ष
● अर्पित- 19 वर्ष
● युवराज सोनी- 20 वर्ष
● पवन कुमार- 17 वर्ष
● अक्षत सिंह यादव- 19 वर्ष
● परम लाल कोरी- 30 वर्ष
● सुरेंद्र सिंह- 56 वर्ष


