सत्य निकेतन हादसे से सबक; गुरुग्राम में भी अवैध-जर्जर इमारतों का होगा सर्वे
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद गुरुग्राम नगर निगम ने भी जर्जर और अवैध इमारतों का नया सर्वेक्षण शुरू किया है। निगम आयुक्त ने तीन दिन में नोटिस दी गई इमारतों की सूची मांगी है। इस रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी…

गुरुग्राम, कृष्ण कुमार
मिलेनियम सिटी में नगर निगम द्वारा जर्जर और अवैध इमारतों का नए सिरे सर्वेक्षण होगा। इसको लेकर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने सभी संयुक्त आयुक्तों को आदेश जारी कर दिए हैं। निगम आयुक्त ने उन अवैध इमारतों की सूची मांगी जिनको निगम ने तोड़ने के नोटिस जारी किए हैं। नगर निगम की इनफोर्समेंट टीमों ने सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। तीन दिन में निगम आयुक्त ने पूरी सूची मांगी है।
सत्य निकेतन हादसे से सबक
नगर निगम ने दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की बिल्डिंग ढहने के हादसे से सबक लिया है। सत्य निकेतन हादसे में भारी जानी नुकसान को देख नगर निगम अधिकारी जागे हैं। निगम द्वारा बीते एक साल से कोई भी नया सर्वेक्षण जर्जर इमारतों को लेकर नहीं करवाया था। इस कारण शहर में कितनी जर्जर इमारतें हैं इसकी जानकारी निगम के पास नहीं थी।
नए सिरे से कराया जाएगा सर्वे
इस कारण अब निगम द्वारा नए सिरे से सर्वेक्षण करवाया जाएगा। वहीं दो साल पहले करवाए गए सर्वेक्षण रिपोर्ट में 18 जर्जर इमारतों की फाइलें निगम से गायब हो गई। जिससे वह जर्जर इमारत कहां थी इसकी जानकारी भी निगम को नहीं मिल पा रही थी।
जेई के कंधों पर डाली जिम्मेदारी
नियमों के मुताबिक शहर में अवैध निर्माणों की पहचान और कार्रवाई के लिए योजनाकार शाखा के अधीन एक स्वतंत्र इन्फोर्समेंट टीम होनी चाहिए, जिसमें योजनाकार शाखा के जेई और एटीपी, डीटीपी को शामिल किया जाना चाहिए। इसके उलट नगर निगम गुरुग्राम में वर्षों से यह पूरा दारोमदार सिविल इंजीनियरिंग विंग के आउटसोर्स कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) के कंधों पर डाल रखा है।
उच्चाधिकारियों की मिलीभगत
विभागीय सूत्रों का कहना है कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने या भ्रष्टाचार की शिकायतों के बावजूद भी राजनीतिक रसूख, सिफारिशों और कुछ उच्चाधिकारियों की मिलीभगत के चलते इन आउटसोर्स जूनियर इंजीनियरों को वर्षों से नहीं बदला जा सका है।
हजारों इमारतें बिना नक्शे के बन गईं
शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिना बिल्डिंग प्लान पास कराए हजारों की संख्या में बहुमंजिला अवैध ढांचे खड़े हो चुके हैं। कई स्थानों पर जर्जर इमारतों में भी व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। जिन इमारतों को पहले नोटिस दिए जा चुके हैं, उन पर तुरंत अमल करने और नए अवैध निर्माणों को प्रारंभिक स्तर पर ही ध्वस्त करने का खाका तैयार किया जा रहा है।
नियमों की धज्जियां
गुरुग्राम शहर में तेजी से बढ़ती फ्लोटिंग आबादी और कामकाजी युवाओं की मांग को भुनाने के लिए मकान मालिक व कॉलोनाइजर ज्यादा किराये के लालच में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। तय मानकों से कहीं अधिक पांच मंजिला इमारतें बनाई हैं।


