सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर हाईकोर्ट में थोड़ी देर में सुनवाई, याचिका में क्या मांग; 7 की मौत
दिल्ली के मोतीबाग में सत्य निकेतन बिल्डिंग ढहने से 7 लोगों की मौत हो गई है। मामले को लेकर हाई कोर्ट थोड़ी देर में सुनवाई करेगा। जिसमें पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ मुआवजे की मांग की गई है।

सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी/छात्रावास भवन गिरने की घटना की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। जनहित याचिका में मृतक छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे के साथ-साथ घायल छात्रों के लिए उचित मुआवजे की मांग की गई है। याचिका में घटना के परिणामस्वरूप दिव्यांग हुए छात्रों के लिए रोजगार सुरक्षा की भी मांग की गई है। याचिका पर थोड़ी देर में सुनवाई होगी।
जनहित याचिका अनिकेत कुमार गुप्ता द्वारा दायर की गई है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। पीजी आवास चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही बिल्डिंग मालिक के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।
गुप्ता ने जनहित याचिका में कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि इमारत के ढहने से ठीक पहले उसमें कथित तौर पर मरम्मत या निर्माण संबंधी कार्य चल रहा था।
याचिकाकर्ता की क्या मांग
याचिका में मांग की गई है कि हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा मिलना चाहिए। घायलों को भी मुआवजा मिले। साथ ही इस तरह के निर्माण या काम की कानूनी वैधता, इमारत की मजबूती, मंजूर किए गए बिल्डिंग प्लान के अनुसार निर्माण हुआ या नहीं... इसकी जांच जरूरी है। इमारत की मजबूती से जुड़े प्रमाणपत्र मौजूद हैं या नहीं, फायर सेफ्टी नियमों का पालन हुआ या नहीं और संबंधित सरकारी अधिकारियों ने पर्याप्त जांच की या नहीं, इन सभी सवालों पर जांच जरूरी है।
याचिकाकर्ता ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के साथ-साथ इमारत गिरने के कारणों की जांच की मांग की है। इसमें मकान मालिकों, बिल्डरों, ठेकेदारों, आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चरल इंजीनियरों, मरम्मत या निर्माण कार्य में शामिल लोगों और बिल्डिंग नियमों की जांच व पालन सुनिश्चित करने वाले सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने सत्य निकेतन के सभी पीजी, हॉस्टल और छात्रों के रहने की जगहों की तुरंत स्ट्रक्चरल सेफ्टी जांच कराने की भी मांग की है। साथ ही, दिल्ली के अन्य बड़े छात्रावास वाले इलाकों में भी ऐसी जांच कराने की मांग की गई है।
सत्य निकेतन में ‘जर्जर’ भवन को गिराने का आदेश
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला एक इमारत के ढहने से छह लोगों की मौत होने के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक अन्य इमारत को ''जर्जर और खतरनाक स्थिति'' में पाए जाने पर उसके मालिक को तीन दिन के भीतर संरचना को गिराने का आदेश दिया है। एमसीडी के बयान के अनुसार, रविवार को जो इमारत ढही उसकी संपत्ति संख्या 14 थी।
आदेश में नगर निगम ने कहा, ''यदि मालिक या कब्जाधारक आदेश प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर ऐसा नहीं करता है तो वह (निगम) इमारत को ध्वस्त कर देगा और इस पर आने वाली लागत मकान मालिक से कर बकाया के रूप में वसूल करेगा।''


