‘सपोलों का फन कुचला जा रहा है, तो…’; JNU में PM और शाह के खिलाफ नारेबाजी पर कपिल मिश्रा
दिल्ली के JNU कैंपस में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारेबाजी पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सपोलों का फन कुचला जा रहा है, इसलिए बिलबिला रहे हैं। नक्सली भी मरेंगे और आतंकी भी मारे जाएंगे।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाए जाने पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सपोलों का फन कुचला जा रहा है, इसलिए बिलबिला रहे हैं। नक्सली भी मरेंगे आतंकी भी मारे जाएंगे। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ बौखलाहट की नारेबाजी से कुछ नहीं होने वाला है।
कपिल मिश्रा ने कहा, ''कुछ लोग हैं जो आतंकवादियों के समर्थन में, नक्सलियों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ और दंगाइयों के समर्थन में नारे लगाते हैं। लेकिन इनके नारों से अब कुछ होने वाला नहीं है। जहां नक्सली होते थे वहां नक्सली खत्म किए जा रहे हैं, जहां आतंकवादी होते थे वहां आतंकवादी खत्म किए जा रहे हैं और जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ साजिश रची ऐसे दंगाइयों को भी सुप्रीम कोर्ट सजा देने वाला है। इसके साथ-साथ ये जो सपोले हैं अब इनका भी फन कुचला जा रहा है, इसलिए ये बिलबिला रहे हैं।''
उमर खालिद और शरजील इमाम पर फैसले पर के खिलाफ नारेबाजी
पीटीआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के बाद जेएनयू छात्रों के एक ग्रुप ने यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाए। सोमवार रात को हुए विरोध प्रदर्शन के एक कथित वीडियो के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निंदा करते हुए नारे लगाए गए।
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल, छात्र 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं। मिश्रा ने बताया, "विरोध प्रदर्शन में लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं करते। वे किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं थे।"
इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि नारों के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
गौरतलब है कि 5 जनवरी, 2020 को जेएनयू कैंपस में हिंसा भड़क गई थी, जब नकाबपोश लोगों की भीड़ ने कैंपस में घुसकर तीन हॉस्टलों में छात्रों को निशाना बनाया, लाठियों, पत्थरों और लोहे की रॉडों से हंगामा किया, हॉस्टल में रहने वालों को मारा और खिड़कियां, फर्नीचर और निजी सामान तोड़ दिए। लगभग दो घंटे तक कैंपस में अफरा-तफरी मची रही, जिसमें जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे।





