पासपोर्ट जब्त और बना दिया सूरीनाम फ्रेंडशिप ग्रुप का हेड, केंद्र पर संजय सिंह का तंज
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि सरकार ने एक तरफ तो उनका पासपोर्ट जब्त कर रखा है लेकिन दूसरी तरफ उन्हें सूरीनाम के लिए फ्रेंडशिप ग्रुप का अध्यक्ष बना दिया है।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार के एक फैसले पर तंज कसते हुए उसे मजाक करार दिया है। संजय सिंह ने बुधवार को कहा कि यह कैसी विडंबना है कि एक तरफ सरकार ने मेरा पासपोर्ट जब्त कर रखा है। मुझे विदेश जाने तक की अनुमति नहीं है और दूसरी ओर मुझे सूरीनाम के लिए संसदीय फ्रेंडशिप ग्रुप का अध्यक्ष बना दिया है। मैं जब देश से बाहर ही नहीं जा सकता तो ऐसे पद का क्या ही औचित्य है।
60 से अधिक देशों के साथ बनाए फ्रेंडशिप ग्रुप
दरअसल, केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को घोषणा की कि ऑपरेशन सिंदूर पर बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल की सफलता के बाद दुनिया के साथ भारत के कानूनी जुड़ाव को बढ़ाने के लिए 60 से अधिक देशों के साथ पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप बनाए गए हैं।
सूरीनाम की लीडरशिप संजय सिंह को दी गई
किरेन रिजिजू ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि यह कदम पार्लियामेंट्री डिप्लोमेसी को मजबूत करने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव के बाद उठाया गया है। रिजिजू ने अपनी पोस्ट में लिस्ट भी शेयर की है। इसमें सूरीनाम की लीडरशिप संजय सिंह को दी गई है। लेकिन अब संजय सिंह ने इस फैसले पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
केंद्र सरकार पर कसा तंज
संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर तंज भरे लहजे में कहा कि मैं प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और कानून मंत्री जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे सूरीनाम और भारत के संसदीय दल के बीच फ्रेंडशिप बनाने को लेकर जो कमेटी बनाई है। उसमें मुझको अध्यक्ष बनाया है। यह जानते हुए भी मुझे यह जिम्मेदारी दी गई है कि मेरा पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है। ऐसा मजाक आप क्यों कर रहे हैं?
जिम्मेदारी देकर मेरा मजाक उड़वा रहे
संजय सिंह ने आगे कहा कि मैं देश की संसद में बैठता हूं और आप मेरा मजाक उड़ा रहे हैं। मैंने आपका क्या बिगाड़ा है। आपने पासपोर्ट तो जब्त कर लिया है और मुझे सूरीनाम और भारत के संसदीय दल के बीच फ्रेंडशिप ग्रुप का हेड बना रहे हैं। आपने मेरे ऊपर देशभर में 50 से ज्यादा मुकदमे कर रखे हैं। आपने मुझे जेल में डाला और कोर्ट में मेरा पासपोर्ट तक जब्त है। यह बात पूरे देश को मालूम है। फिर भी यह जिम्मेदारी देकर मेरा मजाक उड़वा रहे हैं।
अप्लिकेशन ही कोर्ट में डलवा देते…
संजय सिंह ने कहा कि मैं सरकार से निवेदन करना चाहता हूं कि यह उल्लू बनाओ योजना अपनी बंद कर दीजिए। इस तरह से एक सांसद को अपमानित करना और उसका मजाक उड़ाना ठीक नहीं है। यदि आपको सूरीनाम और भारत के संसदीय दल के बीच फ्रेंडशिप ग्रुप का मुझे हेड ही बनाना था तो ईडी से एक अप्लिकेशन ही कोर्ट में डलवा देते… मेरा पासपोर्ट दिलवा देते और तब मुझे हेड बनाते तो लगता कि आपकी नीयत साफ है। लेकिन आप मेरा मजाक उड़वा रहे हैं।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
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