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SC का सम्मान लेकिन...; उमर खालिद-शरजील को बेल ना देने पर क्या बोले संजय सिंह

SC का सम्मान लेकिन...; उमर खालिद-शरजील को बेल ना देने पर क्या बोले संजय सिंह

संक्षेप:

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले के आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सोमवार को इनकार कर दिया। हालांकि भागीदारी के स्तर के क्रम का हवाला देते हुए पांच अन्य को जमानत दे दी और कहा कि मामले में सभी आरोपी एक ही पायदान पर नहीं हैं।

Jan 05, 2026 04:02 pm ISTAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले के आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सोमवार को इनकार कर दिया। हालांकि भागीदारी के स्तर के क्रम का हवाला देते हुए पांच अन्य को जमानत दे दी और कहा कि मामले में सभी आरोपी एक ही पायदान पर नहीं हैं। कोर्ट के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने बिना मुकदमा चले लंबे समय तक जेल में रखे जाने पर चिंता जताई है।

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संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, आम आदमी पार्टी सर्वोच्च न्यायालय और कानून के शासन का सम्मान करती है। लेकिन साथ ही हमारा मानना है कि किसी भी लोकतंत्र में बिना मुकदमा चले किसी व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रखना गंभीर संवैधानिक चिंताओं को जन्म देता है।

अन्य पांच को जमानत

मामले पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ ने कहा था कि खालिद और इमाम के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। ये दोनों जेल में रहेंगे लेकिन अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी गई है।

अदालत के अनुसार, मुकदमे में देरी कोई तुरुप का इक्का नहीं है जो वैधानिक सुरक्षा उपायों को स्वतः ही दरकिनार कर दे। पीठ ने कहा, दोष के मामले में सभी याचिकाकर्ता समान पायदान पर नहीं हैं। अभियोजन पक्ष के मामले से उभरे सहभागिता के स्तर के क्रम के मद्देनजर न्यायालय को प्रत्येक याचिका की अलग-अलग समीक्षा करने की आवश्यकता है।

कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के संबंध में बताई गई भूमिकाएं अलग-अलग हैं। शीर्ष अदालत ने कहा, यह कोर्ट इस बात से संतुष्ट है कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सामग्री से याचिकाकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध होते हैं। कार्यवाही के इस चरण में उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है।

भाषा से इनपुट

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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