गुरुग्राम में अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही देना होगा सफाई शुल्क, MCG के फैसले से लोगों में नाराजगी

हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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गुरुग्राम नगर निगम ने मकान मालिकों से प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही कूड़ा शुल्क भी वसूलना शुरू कर दिया है। निगम के इस फैसले से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जब घरों से कूड़ा उठाने के स्थायी इंतजाम नहीं होने पर भी शुल्क वसूलना ठीक नहीं है। 

गुरुग्राम में अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही देना होगा सफाई शुल्क, MCG के फैसले से लोगों में नाराजगी

गुरुग्राम के निवासियों को अब अपने संपत्ति कर के साथ ही कूड़ा शुल्क भी देना होगा। संपत्ति कर के साथ अब नगर निगम ने कूड़ा शुल्क भी वसूलना शुरू कर दिया है। हालांकि बीते दो साल से कूड़ा शुल्क निगम की तरफ से वसूल नहीं किया जा रहा था, लेकिन अब निगम ने इसे वसूलना शुरू कर दिया है। निगम के इस कूड़ा शुल्क का लोगों ने विरोध भी जताया है।

शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) विभाग ने नए वित्त वर्ष से गुरुग्राम में भी इस शुल्क की वसूली को अनिवार्य कर दिया है। सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत अब संपत्ति कर के बिलों में ही घरों से कूड़ा उठाने के साथ-साथ सड़कों की सफाई का शुल्क भी शामिल किया गया है। हालांकि, शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने की कोई स्थायी और पुख्ता व्यवस्था न होने के बावजूद टैक्स बिलों में इस नए चार्ज को जोड़ने पर शहरवासियों ने रोष व्यक्त किया है। हालांकि निगम अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति कर के साथ मुख्यालय की तरफ से कूड़ा शुल्क लगाकर भेजा गया है। यह कूड़ा संग्रहण शुल्क अकेला नहीं है, इसमें सड़कों की सफाई, गलियों में जो झाडू लगती है, इसमें उसका शुल्क भी शामिल है।

सौ फीसदी कूड़ा नहीं उठ रहा

जमीनी हकीकत यह है कि नगर निगम गुरुग्राम के पास वर्तमान में घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने, उसे अलग करने और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की कोई स्थायी या सुचारू व्यवस्था नहीं है। नगर निकाय फिलहाल विभिन्न छोटे ठेकेदारों के माध्यम से अस्थायी उपायों के भरोसे ही पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को खींच रहा है। इस लचर व्यवस्था के कारण शहर की दर्जनों सोसाइटियों और रिहायशी सेक्टरों में लोग निजी स्तर पर कचरा प्रबंधन करने को मजबूर हैं, जहां निजी कचरा उठाने वाले कर्मचारी प्रति घर 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक मासिक शुल्क अलग से वसूलते हैं। ऐसे में लोगों का आरोप है कि उन्हें एक ही काम के लिए दोहरा भुगतान करना पड़ रहा है।

बिना सर्विस दिए शुल्क वसूलने पर उठे गंभीर सवाल

शहर की विभिन्न आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने निगम और सरकार के इस फैसले को पूरी तरह से जनविरोधी बताया है। नागरिकों का कहना है कि जब नगर निगम के वाहन उनके घरों तक कूड़ा लेने आते ही नहीं हैं और वे निजी रेहड़ी-पटरी वालों को अलग से भुगतान कर रहे हैं, तो निगम किस बात का टैक्स वसूल रहा है। निगम केवल अस्थाई एजेंसियों के सहारे काम चला रहा है। शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने की कोई स्थायी और पुख्ता व्यवस्था न होने के बावजूद टैक्स बिलों में इस नए चार्ज को जोड़ने पर शहरवासियों ने रोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि यह हमारे साथ अन्याय है।

सैकड़ों रुपये जुड़कर आने से बिगड़ा बजट

शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा बिलों में शुल्क जोड़ने के मामले सामने आए हैं। सेक्टर-21 स्थित सूर्य विहार निवासियों के अनुसार उनके इस महीने के संपत्ति कर बिलों में सीधे 540 रुपये का कचरा संग्रहण शुल्क शामिल कर दिया गया है। इसी तरह, गोल्फ कोर्स रोड के पास स्थित पॉश सनसिटी टाउनशिप में भी घरों और कमर्शियल संपत्तियों के आकार के हिसाब से यह शुल्क 216 से 432 रुपये तक जोड़कर भेजा गया है। अचानक टैक्स के रूप में मोटी रकम जुड़कर आने से लोगों का बजट बिगड़ गया है।

2018 का नियम अब गुरुग्राम में लागू हुआ

विभागीय सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने संपत्ति कर के साथ कचरा संग्रहण शुल्क वसूलने का यह नियम साल 2018 में ही अधिसूचित कर दिया था। प्रदेश के कई अन्य शहरों में इसे आंशिक रूप से लागू भी किया गया था, लेकिन गुरुग्राम में टाल दिया गया था। बीते दो साल से गुरुग्राम में घर-घर से शत-प्रतिशत कूड़ा उठाने का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है और निगम केवल अस्थाई एजेंसियों के सहारे काम चला रहा है। इसके बावजूद नए वित्त वर्ष से बिना किसी पूर्व सूचना के लोगों की जेब पर यह अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

लोगों ने कहा, सफाई नहीं हो रही और टैक्स वसूल रहे

सेक्टर-56 वरिष्ठ नागरिक डीडी शर्मा ने कहा कि कूड़े की समस्या को हल करने में फेल हो चुकी सरकार कूड़ा टैक्स लगा कर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। लोगों के घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा है तो टैक्स का क्या मतलब है। वहीं, प्रधान,आरडी सिटी आरडब्ल्यूए के प्रधान प्रवीण यादव का कहना है कि निगम द्वारा संपत्तिकर के साथ कूड़ा शुल्क वसूलना तो शुरू कर दिया है,लेकिन घरों से कूड़ा एकत्रित करना और सड़को-गलियों की सफाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में कूड़ा शुल्क वसूलना बिल्कुल गलत है।

Praveen Sharma

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प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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