सलीम वास्तिक को आया होश, तीसरे साथी की तलाश; बेटों के एनकाउंटर पर क्या बोला पिता?

Mar 05, 2026 09:04 pm ISTKrishna Bihari Singh हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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यूट्यूबर सलीम वास्तिक को होश आ गया है। उन पर हमला करने वाले दोनों सगे भाई जीशान और गुलफाम पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। पुलिस अब उनके फरार साथियों और घटना से जुड़े अन्य सबूतों की तलाश कर रही है।

सलीम वास्तिक को आया होश, तीसरे साथी की तलाश; बेटों के एनकाउंटर पर क्या बोला पिता?

यूट्यूबर सलीम वास्तिक को होश आ गया। गुरुवार को वायरल हुए पांच सेकंड के वीडियो में सलीम आंख खोलते हुए दिखाई दे रहे है। उनका दिल्ली के निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में उपचार जारी है। वहीं, पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दूसरे आरोपी के साथी यानी तीसरे शख्स की तलाश में जुटी है। इस बीच हमलावरों के पिता बुनियाद अली ने कहा कि सलीम तो मुसलमान है हिंदू थोड़े है। मामले को इतना उछाल दिया गया कि पुलिस को उनके बेटों का एनकाउंटर करना पड़ा है।

26 फरवरी को अपलोड किया था वीडियो

मूलरूप से जनपद शामली निवासी 50 वर्षीय सलीम वास्तिक का लोनी थानाक्षेत्र की अली गार्डन कॉलोनी में कार्यालय है। उनकी पत्नी व इकलौता पुत्र कार्यालय से दूर अंकुर विहार थाना क्षेत्र की नसबंदी कॉलोनी में मकान में रहते है। सलीम वास्तिक इस्लामिक कुरीतियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करते रहते थे। 26 फरवरी को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था।

हेलमेट पहनकर पहुंचे थे जीशान और गुलफाम

27 फरवरी को जनपद अमरोहा के सैद नगली गांव निवासी सगे भाई जीशान और गुलफाम हेलमेट पहनकर उनके कार्यालय में पहुंचे थे। छोटे भाई ने पेपर कटर से सलीम के गले पर जानलेवा हमला कर दिया था, जबकि बड़ा भाई गुलफाम ने सलीम के हाथ पकड़ लिये थे। करीब चार मिनट तक दोनों भाईयों ने उनपर वीभत्स तरीके से वार किए थे। सलीम दोनों से बचने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। लोगों को एकत्र होता देख दोनों भाई बाइक से भाग गए थे।

आंख खोलते हुए दिखे सलीम

पुलिस ने गंभीर रूप से घायल यूट्यूबर को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि दो दिन बाद परिजनों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार को सोशल मीडिया पर अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती सलीम के होश में आने का वीडियो वायरल हुआ। करीब पांच सेकेंड के वीडियो में सलीम अपनी आंख खोलते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पिता की हालत में पहले से सुधार है।

मुठभेड़ में हुए ढेर हुए थे दोनों भाई

लोनी थाना पुलिस व स्वाट टीम की रविवार रात लोनी स्थित निठोरा रोड पर दोनों भाईयों के साथ मुठभेड़ हुई थी। करीब दस मिनट तक हुई फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से 27 वर्षीय जीशान ढेर हो गया था, जबकि बड़ा भाई गुलफाम अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया था। वहीं तीन मार्च की रात इंदिरापुरम और गाजियाबाद स्वाट टीम की साथ इंदिरापुरम में हुई मुठभेड़ में गुलफाम भी मारा गया था।

क्या बोले पिता?

हमलावरों के पिता बुनियाद अली बुधवार को दूसरे पुत्र गुलफाम का शव लेने हिंडन मोर्चरी पर पहुंचे। वह बोले की अगर उन्हें पहले पता होता तो वह दोनों पुत्रों के साथ पुलिस से ज्यादा कठोरता दिखाते। पुत्रों की गमी चेहरे पर न दिखने की बात पर बोले कि मोहम्मद ने 76 लोगों को कंधा दिया था। मैने तो दो ही पुत्र खोए हैं। बेटों ने जनून में घटना को अंजाम दिया। दोनों किसी संगठन से नहीं जुड़े थे। सलीम तो मुसलमान है हिंदू थोड़े है। मामले को इतना सुर्खियों में ला दिया गया कि पुलिस को एनकाउंटर करना पड़ा।

दिल्ली में छिपने गया था गुलफाम

सूत्रों की मानें तो छोटे भाई जीशान की पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत होने के बाद गुलफाम जान बचाने के लिए दिल्ली स्थित रिश्तेदारों के पास पहुंचा था। वहीं टीवी और सोशल मीडिया पर मुठभेड़ के बाद रिश्तेदारों ने भी उसे पनाह नहीं दी थी। जिसके बाद वह दिल्ली से निकलकर दूसरे स्थान पर चला गया था। पुलिस मुठभेड़ में फरार गुलफाम के साथी की तलाश में जुटी है।

इस्लामिक कुरीतियों पर कर रहे थे प्रहार

सूत्रों की माने तो सलीम वर्ष 2021 से मौलवी का कार्य छोड़ कर इस्लामिक कुरीतियों पर प्रहार करने लग गये थे। उन्होंने अपना नाम सलीम अहमद से बदलकर सलीम वास्तिक कर लिया था। वह कुरीतियों के खिलाफ धर्म गुरुओं से चर्चा करते थे। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करते रहते थे।

पुलिस जुटा रही सुबूत

एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने कहा- पुलिस वीडियो के साथ फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, लोगों के बयान, जीशान के फोन से मिले सबूत इकट्ठा कर रही है। जल्द ही मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाई जाएगी। घटना में प्रयुक्त की गई बाइक साले के नाम पर है। मुठभेड़ के दौरान जीशान से बरामद बाइक कहां से चुराई गई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों के बैंक खाते के साथ साथ-साथ अन्य जानकारी खंगालने में जुटी है।

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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