सलीम वास्तिक अस्पताल से लौटे, हमले के पीछे बताया पाकिस्तान एंगल; कहा- डरा नहीं
सलीम वास्तिक अस्पताल से घर लौट आए हैं। गला कटने के कारण वे फिलहाल बोल नहीं पा रहे लेकिन उन्होंने लिखकर साहस जताया कि वे अब और मजबूती से कट्टरवाद का विरोध करेंगे।

कुरीतियां के खिलाफ बोलने वाले सलीम वास्तिक अस्पताल से घर पहुंच चुके हैं। वह अभी भी बोल नहीं पा रहे। उन्होंने लिखकर बताया कि गला ही कटा है, जान तो नहीं गई। डरा नहीं हूं और ज्यादा मजबूत हुआ हूं। अली गार्डन कॉलोनी में 27 फरवरी को दो सगे भाइयों जीशान और गुलफाम ने सलीम वास्तिक पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। जानलेवा हमले के बाद करीब 26 दिनों तक अस्पताल में रहे। गले में इतना गहरा घाव हुआ था कि वह अभी भी बोल नहीं पा रहे।
पाकिस्तान से मिली थी धमकी
रविवार को उन्होंने अपने घर पर लिखकर बताया कि गला ही तो कटा है, जान अब भी है। अब पहले से ज्यादा मजबूती के साथ कट्टरवाद का विरोध करूंगा। जल्द ही उनका वीडियो लोगों तक पहुंचेगा। उन पर जानलेवा हमला होगा, इसका आभास उनको 15 दिन पहले से था। पाकिस्तान से धमकी मिली थी, लेकिन हमला इतना कायराना होगा सोचा नहीं था। इस हमले के बाद और जोश से भर गए हैं।
बुलंद करता रहूंगा आवाज
सलीम वास्तिक ने बताया कि हमेशा गलत बात के खिलाफ की आवाज बुलंद करता हूं। यह फर्ज है और भविष्य में भी गलत के खिलाफ आवाज बुलंद करता रहूंगा। जानलेवा हमला होने के बाद भी मानवता के लिए डर कर पीछे हटने वालों में से नहीं हूं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मिलने आए उनके साथी समीर को भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इसके बावजूद वह डरे बिना अपना काम कर रहे हैं।
पूरी तरह स्वस्थ होने में एक माह और लगेगा
सलीम ने बताया कि घर पर उपचार चल रहा है। मिलना तो सबसे चाहता हूं, लेकिन अभी बोलने में सक्षम नहीं हूं। संभवत एक महीना स्वस्थ होने में लग जाएगा, उसके बाद लोगों से मिलना जुलना शुरू करूंगा।
हमले के पीछे पाकिस्तान एंगल
हमला करने वाले दोनों सगे भाइयों की मुठभेड़ में मारे जाने पर सलीम ने कहा कि कट्टरपंथियों के उकसावे में आकर उन पर हमला करने वालों को पुलिस ने उनके अंजाम तक पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि हमलावरों को क्षेत्र में उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। पाकिस्तान की एक संस्था ने हमलावरों को उनकी हत्या के लिए हायर किया था।
हमले के दोनों आरोपी मुठभेड़ में मारे जा चुके
सलीम पर हमला करने के दोनों आरोपी मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हमले के एक सप्ताह के भीतर एक मार्च को जीशान को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वहीं, तीन मार्च को जीशान के बड़े भाई गुलफाम को गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और इंदिरापुरम थाना पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों पर पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित किया था। आरोपियों के बारे में पुलिस को ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। इनके बैंक खातों का भी पता नहीं चल पाया है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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