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सफदरजंग अस्पताल में बनेगा 1000 बेड का नया मातृ एवं शिशु ब्लॉक, 800 करोड़ रुपये की आएगी लागत

सफदरजंग अस्पताल में बनेगा 1000 बेड का नया मातृ एवं शिशु ब्लॉक, 800 करोड़ रुपये की आएगी लागत

संक्षेप:

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में करीब एक हजार बेड के मातृ एवं शिशु ब्लॉक का निर्माण होगा। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की एक कंपनी को परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है।

Dec 12, 2025 05:22 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में करीब एक हजार बेड के मातृ एवं शिशु ब्लॉक का निर्माण होगा। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की एक कंपनी को परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। इस परियोजना पर करीब 800 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

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अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, यह कंपनी ही मातृ एवं शिशु ब्लॉक के बहुमंजिले भवन का डिजाइन तैयार कर उसका निर्माण कराएगी। इसके मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने पुराने इमरजेंसी ब्लॉक को तोड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहीं पर नए ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि नए वर्ष में इमारत का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं और विभिन्न बीमारियों से पीड़ित बच्चों को इलाज की बेहतर और अत्याधुनिक सुविधा मिल सकेगी।

इस अस्पताल के गायनी विभाग में सबसे ज्यादा मरीज आते हैं। इस वजह से अस्पताल में 30 प्रतिशत भर्ती मरीजों का बोझ गायनी विभाग उठाता है। इसके अलावा पीडियाट्रिक विभाग में भी मरीजों का दबाव अधिक रहता है। इस वजह से इन दोनों विभागों को मिलाकर अस्पताल में करीब 640 बेड आवंटित हैं। इस अस्पताल में वर्ष भर में करीब 27 हजार प्रसव होता है। इस तरह प्रतिदिन औसतन 70 से 75 प्रसव होता है। इसका कारण यह है कि दिल्ली के अलावा एनसीआर से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से संबंधित गर्भवती महिलाएं रेफर होकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचती हैं। इस वजह से एक-एक बेड पर दो प्रसूता महिलाएं रहने को मजबूर होती हैं। कई बार प्रसव के बाद गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को बेड नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में वे फर्श पर भी रहने को मजबूर होते हैं। इसके मद्देनजर इस अस्पताल में लंबे समय से मातृ एवं शिशु ब्लॉक के निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही है।

भवन तोड़कर होगा निर्माण : मातृ एवं शिशु ब्लॉक का निर्माण पुराने इमरजेंसी ब्लॉक के भवन को तोड़कर होना है। लिहाजा, इस पुराने इमरजेंसी ब्लॉक को ढहाने का काम भी जल्दी शुरू हो जाएगा। इसके बाद मातृ एवं शिशु ब्लॉक का निर्माण का रास्ता काफी हद तक साफ हो जाएगा।

अप्रैल में किया था टेंडर

केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस परियोजना के लिए इस वर्ष अप्रैल में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को सलाहकार नियुक्त करने के मकसद से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट (इंडिया) लिमिटेड को परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। इस कंपनी पर परियोजना का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट), डिजाइन और सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कराकर इस ब्लॉक का निर्माण और संचालन शुरू कराने की जिम्मेदारी होगी।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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