अयान तनवीर ने 180 तो आनंद ने 500 से ज्यादा महिलाओं को फंसाया, पर एक अंतर
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े हनीट्रैप और रोमांस स्कैम का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने देशभर में 500 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे ठगी व उगाही करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से डेटिंग और मेट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहता था।

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े हनीट्रैप और रोमांस स्कैम का पर्दाफाश किया है, जो महाराष्ट्र के अयान तनवीर के कारगुजारियों से मिलता-जुलता है। तनवीर जहां नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण करता था और अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेलता था। जबकि पश्चिम बंगाल का आनंद कुमार महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनसे वसूली करता था। तनवीर ने जहां करीब 180 लड़कियों को अपना निशाना बनाया वहीं 500 से ज्यादा महिलाएं आनंद का शिकार बनीं।
दिल्ली पुलिस ने देशभर में 500 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे ठगी व उगाही करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से डेटिंग और मेट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहता था। दक्षिण-पश्चिम जिला की सायबर थाना पुलिस ने बताया कि उसने फर्जी पहचान बनाकर देशभर में 500 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और करीब दो करोड़ रुपये की ठगी व उगाही की। आरोपी की पहचान 35 साल के आनंद कुमार निवासी उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है।
कभी डॉक्टर, कभी प्रोड्यूसर, कभी बिजनेसमैन
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से डेटिंग और मेट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहता था। वह खुद को कभी डॉक्टर, कभी फिल्म प्रोड्यूसर, तो कभी बिजनेसमैन बताकर महिलाओं से संपर्क करता और धीरे-धीरे उन्हें भरोसे में लेता था। भावनात्मक रिश्ता बनाने के बाद वह शादी का झांसा देता और फिर पैसों की मांग शुरू कर देता था।
शिकायत से खुला राज
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा एक महिला की शिकायत से हुआ, जिसने साइबर थाना में बताया कि ‘वैभव अरोड़ा’ नाम के इंस्टाग्राम प्रोफाइल के जरिए उससे करीब सात लाख रुपये ठगे गए। आरोपी ने पहले डेटिंग ऐप पर संपर्क किया और फिर बातचीत को इंस्टाग्राम व व्हाट्सऐप पर ले गया। कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते हुए उसने महिला के साथ नजदीकी बढ़ाई और शादी का वादा किया।
परेशानियों का हवाला देकर पैसे मांगे
भरोसा मजबूत करने के लिए आरोपी ने ‘आनंद’ नाम से एक और फर्जी किरदार तैयार किया, जिसे उसने अपना करीबी दोस्त बताया। इसके बाद उसने मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस में नुकसान और पारिवारिक परेशानियों का हवाला देकर पैसे मांगे। जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने संपर्क खत्म कर दिया और बाद में यह झूठी सूचना दी कि ‘वैभव’ की मौत हो चुकी है।
तकनीकी जांच से गिरफ्तारी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया। डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी के दो मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल के 24 परगना क्षेत्र में सक्रिय पाए गए। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बड़े नेटवर्क की ओर इशारा
गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से चार स्मार्टफोन, आठ सिम कार्ड, तीन डेबिट कार्ड और ठगी के पैसों से खरीदे गए सोने के आभूषण बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि ये बरामदगी उसके अपराध के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
ब्लैकमेलिंग का भी खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी कई मामलों में पीड़ित महिलाओं से निजी फोटो और वीडियो हासिल कर लेता था। बाद में इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे। इस तरह वह हनीट्रैप और साइबर ब्लैकमेलिंग को साथ-साथ अंजाम देता था। पहचान छिपाने के लिए आरोपी लगातार मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदलता था।
दिल्ली और गाजियाबाद में भी मामले
वह अलग-अलग नामों से कई सोशल मीडिया अकाउंट चलाता था, जिससे उसे ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी दिल्ली और गाजियाबाद में इसी तरह के दो मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान भी की जा रही है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
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