रिस्क मेरा और रील तुम्हारी, ये कैसी पार्टनरशिप; राज्यसभा में भाजपा की ओर से विपक्षी दलों पर खूब गरजे राघव चड्ढा
पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इस साल अप्रैल में आम आदमी पार्टी छोड़कर छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में जाने के बाद राज्यसभा में बोलने का उनका यह पहला मौका रहा। जिसमें उन्होंने नई पार्टी की तरफ से जमकर बैटिंग की।

लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' बिल पास हो गया और इसके साथ ही विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई। इस विधेयक में प्रश्न पत्र लीक करने पर दस साल तक की सजा तथा 50 लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। इससे पहले गुरुवार को राज्यसभा में विधेयक पर हुई चर्चा में पंजाब से भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने भी हिस्सा लिया और उन्होंने इस बिल को युवाओं के हित में बताते हुए इसका विरोध करने वाले विपक्षी दलों को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा किया स्टूडेंट्स तो अपने भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दल केवल राजनीति चमकाने के लिए उनका साथ दे रहे हैं।
इस दौरान संसद के ऊपरी सदन में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा, 'स्टूडेंट्स की आवाज मायने रखती हैं, उनकी मांगें जायज हैं, स्टूडेंट्स द्वारा प्रोटेस्ट करना, सवाल पूछना, डिमांड करना, कोर्ट जाना, शांतिपूर्वक मार्च निकालना, ये सब उनका संवैधानिक अधिकार है, और उन्हें ये करना भी चाहिए। लेकिन बस स्टूडेंट का ये प्रोटेस्ट स्टूडेंट का ही रहे, किसी पॉलिटिकल पार्टी की रैली ना बन जाए, वे अपना माइक किसी को आउटसोर्स ना करें।'
'नेता अपनी रीच बढ़ाने के लिए स्टूडेंट्स का फायदा उठा रहे'
आगे उन्होंने कहा, 'स्टूडेंट्स की लड़ाई तो परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की है, लेकिन नेताओं की लड़ाई अपनी सोशल मीडिया रीच बढ़ाने की है। जब राजनीतिक दलों के नेता आंदोलन के समय स्टूडेंट्स को बैरिकेड्स के आगे भेज, खुद कैमरे के सेफ साइड पर रहें, तो उनसे पूछिए कि रिस्क मेरा, और रील तुम्हारी, ये पार्टनरशिप कैसी। स्टूडेंट्स का ये आंदोलन, स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए है, किसी फ्लॉप पॉलिटिकल पार्टी के कमबैक के लिए नहीं है। जिस राजनीतिक दल को अपने खुद के फ्यूचर का अता-पता नहीं, वो स्टूडेंट्स के भविष्य की क्या लड़ाई लड़ेगा।'
चड्ढा बोले- ये लड़ाई भाजपा वर्सेस कांग्रेस की नहीं
इसके बाद उन्होंने कहा, 'स्टूडेंट्स को न्याय चाहिए, राजनीतिक पार्टी को फुटेज, स्टूडेंट्स को परीक्षाएं सुरक्षित करना है, पॉलिटिकल पार्टी को वायरल क्लिप, स्टूडेंट्स का सवाल भविष्य का है और नेता का कैल्कुलेशन अगले इलेक्शन तक का है। इसलिए मैं विपक्षी दलों से कहना चाहता हूं कि स्टूडेंट्स की भावनाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं करें, ये लड़ाई BJP वर्सेस कांग्रेस की नहीं है, बल्कि ये लड़ाई मैरिट वर्सेस माफिया और मेहनत वर्सेस सेटिंग की है।'
'मीडिया में साउंड-बाइट देने से पेपर लीक बंद नहीं होगा'
इससे पहले बिल पर बोलने की शुरुआत करते हुए राघव चड्ढा ने कहा, 'पेपर लीक जैसी गंभीर बीमारी का परमानेंट इलाज करना होगा, जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन खिलाकर नहीं किया जा सकता, ठीक वैसे ही पेपर लीक जैसी समस्या का इलाज मीडिया साउंड-बाइट से नहीं बल्कि इंस्टीट्यूशनल सॉल्यूशन से होगा, जो आज हमारी सरकार इस बिल के माध्यम से करने जा रही है। जो कि भारत का पहला एंटी पेपर लीक फ्रेमवर्क है।'
बता दें कि पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इस साल अप्रैल में आम आदमी पार्टी छोड़कर छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में जाने के बाद राज्यसभा में बोलने का उनका यह पहला मौका रहा। जिसमें उन्होंने नई पार्टी की तरफ से जमकर बैटिंग की और अपनी पूर्व पार्टी के साथ-साथ अन्य विपक्षी दलों को भी जमकर निशाने पर लिया।


