
नोएडा में रिटायर्ड अधिकारी से 1.70 करोड़ की ठगी, आरोपियों ने सिम के बहाने से बनाया जाल में फंसाया
संक्षेप: आरोपियों ने फोन को मुंबई पुलिस के कथित अधिकारी को ट्रांसफर कर दिया, जिसने श्रीवास्तव से कहा कि उनके खिलाफ एक मुकदमा लंबित है तथा उनकी जेट एयरवेज के सह-संस्थापक नरेश गोयल के साथ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिलीभगत पाई गई है।
भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के एक सेवानिवृत उपनिदेशक (डिप्टी डायरेक्टर) को कथित रूप से तीन दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके साइबर अपराधियों ने उनसे 1 करोड़ 70 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने पहले तो एक अन्य मोबाइल नंबर को उनका बताते हुए उससे की जा रही गाली-गलौज को लेकर उन्हें डराया, फिर इसके बाद उन्हें यह कहकर धमकाया कि बंद हो चुकी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज के सह-संस्थापक नरेश गोयल के साथ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वह भी शामिल हैं।

पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बीती रात को सेक्टर 62 में रहने वाले ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई कि 9 सितंबर को एक व्यक्ति ने कॉल कर उनसे कहा कि आपका एक नंबर मुंबई से पंजीकृत है, उस नंबर से लोगों को फोन करके गाली-गलौज की जा रही है।
जिसके बाद श्रीवास्तव ने फोनकर्ता से कहा कि वह जिस नंबर को उनका नंबर बता रहा है वह उनके नाम से नहीं है और न ही वह कभी मुंबई गए थे। तब फोनकर्ता ने श्रीवास्तव से कहा कि इस मामले में एक मुकदमा दर्ज है और उन्हें मुंबई पुलिस से बात करनी होगी।
पुलिस उपायुक्त यादव ने आगे बताया कि इसके बाद आरोपियों ने फोन को मुंबई पुलिस के कथित अधिकारी को ट्रांसफर कर दिया, जिसके बाद आरोपियों ने श्रीवास्तव को डराते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक मुकदमा लंबित है तथा उनकी जेट एयरवेज के सह-संस्थापक नरेश गोयल के साथ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिलीभगत पाई गई है। इसके बाद मुंबई के उस तथाकथित अधिकारी ने श्रीवास्तव से यह भी कहा कि उन्होंने केनरा बैंक में खाता खुलवाया है जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग की रकम है।
यादव के मुताबिक तब मुंबई के कथित अधिकारी ने श्रीवास्तव को मुंबई आने या हथकड़ी लगाकर उन्हें मुंबई लाए जाने की धमकी दी। जब श्रीवास्तव ने अपनी वृद्धावस्था का हवाला देकर मुंबई जाने से असमर्थता जताई तब कथित अधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने का विकल्प दिया। फिर कथित अधिकारी ने श्रीवास्तव से उनके बैंक खातों की जानकारी ली।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार इसके बाद अदालत में श्रीवास्तव की डिजिटल पेशी का नाटक रचा गया और फर्जी जांच करवाई गई। फिर श्रीवास्तव से 1 करोड़ 70 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। फिर उनसे कहा गया कि आप इस मामले की जिक्र किसी से नहीं करोगे।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार बाद में श्रीवास्तव के बेटे को इस बात का पता चला। उन्होंने 16 सितंबर को साइबर अपराध पुलिस को इस वारदात के बारे में सूचना दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई थी।





