विदेश में मास्टरमाइंड, भारत में गैंगस्टर... कैसे रची जा रही 26 जनवरी पर दिल्ली दहलाने की साजिश?

Jan 17, 2026 01:58 pm ISTAnubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

गणतंत्र दिवस 2026 से पहले खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली समेत कई शहरों में हाई अलर्ट जारी किया है। खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकी संगठनों द्वारा स्थानीय गैंगस्टर्स के जरिए हमले की साजिश रचने के इनपुट के बाद सुरक्षा बलों ने लाल किला जैसे संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है।

विदेश में मास्टरमाइंड, भारत में गैंगस्टर... कैसे रची जा रही 26 जनवरी पर दिल्ली दहलाने की साजिश?

गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) के जश्न में खलल डालने के लिए सीमा पार एक बड़ी और खतरनाक साजिश रची जा रही है। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) ने 26 जनवरी से पहले दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में 'हाई अलर्ट' जारी किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार खतरा दोगुना है। खुफिया इनपुट्स के मुताबिक, खालिस्तानी आतंकियों के साथ अब बांग्लादेशी आतंकी संगठन हमले की फिराक में हैं।

पंजाब के गैंगस्टर्स बने 'मोहरे'

खुफिया ब्यूरो (IB) के सूत्रों ने जो इनपुट दिया है, वह सुरक्षा एजेंसियों की टेंशन बढ़ाने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशों में बैठे खालिस्तानी आका अब भारत में हमले के लिए अपने लोग भेजने के बजाय स्थानीय गैंगस्टर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। पंजाब के ये गैंगस्टर्स आतंकियों के लिए 'स्लीपर सेल' या गुर्गों की तरह काम कर रहे हैं। इनका नेटवर्क सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, यूपी और राजस्थान तक फैला हुआ है।

क्या है 'गैंगस्टर-टेरर' का खतरनाक गठजोड़?

सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती आतंकियों और गैंगस्टर्स का यह 'हाइब्रिड मॉडल' है। पाकिस्तान और कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी अब सीधे भारत आने का रिस्क नहीं लेते। उन्हें जमीन पर काम करने के लिए 'लोकल नेटवर्क' चाहिए होता है। आतंकियों को स्थानीय गैंगस्टर्स के रूप में गुर्गे मिल जाते हैं जो हथियार सप्लाई, रेकी (Recce) और लॉजिस्टिक्स का काम संभालते हैं। बदले में गैंगस्टर्स को सीमा पार से हाई-टेक हथियार (जैसे ड्रोन से गिराए गए पिस्तौल) और मोटा पैसा मिलता है।

Delhi

पहले भी सामने आ चुका है आतंक का K2 मॉडल

26 जनवरी से पहले जिस तरह की आतंकी साजिश की जानकारी सामने आ रही है, वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का कुख्यात 'K2 डेस्क' (Kashmir-Khalistan Desk) की याद दिलाती है। ISI ने कश्मीर और खालिस्तान को मिलाकर भारत के खिलाफ 'डबल फ्रंट' खोलने के लिए K2 डेस्क बनाया था। कश्मीर में सुरक्षाबलों की सख्ती के बाद अब ISI ने इस प्लान में बदलाव किया है। अब वे 'आतंकियों' की जगह 'गैंगस्टर्स' का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दिया जा सके और हमले को 'लोकल क्राइम' जैसा दिखाया जा सके।

दीवारों पर चस्पा हुए 'वांटेड' आतंकियों के चेहरे

खतरे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली पुलिस ने जगह-जगह संदिग्ध आतंकियों के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने जिन आतंकियों के पोस्टर लगाए हैं, उनमें खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला (Arsh Dalla) समेत कई संदिग्धों के चेहरे शामिल हैं। ये पोस्टर खास तौर पर मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट, कश्मीरी गेट बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले बाजारों में चिपकाए गए हैं ताकि आम जनता उन्हें पहचान सके और पुलिस को सूचना दे सके।

दिल्ली में इन जगहों पर मॉक ड्रिल

खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने लाल किला, कश्मीरी गेट ISBT, चांदनी चौक और सदर बाजार जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर मॉक ड्रिल (Mock Drill) की है। ये वो इलाके हैं जो सुरक्षा के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं और जहां भारी भीड़ होती है।

जनता से अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे, या पोस्टर में दिख रहे चेहरों में से कोई नजर आए, तो तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें