धर्मांतरण मामला: ग्रेटर नोएडा के मकान में 5 सालों से हो रही थीं प्रार्थना सभाएं
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 के मकान में करीब पांच वर्षों से अधिक समय से ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। धर्मांतरण के लिए उकसाने का आरोपी सुरेश लोगों को रोग मुक्त होने का झांसा देकर जोड़ता था।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 के मकान में करीब पांच वर्षों से अधिक समय से ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। धर्मांतरण के लिए उकसाने का आरोपी सुरेश लोगों को रोग मुक्त होने का झांसा देकर जोड़ता था। उसने एच्छर निवासी चंद्र किरण को भी रोग मुक्त कराने का झांसा देकर जोड़ा था।
सेक्टर बीटा-2 कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि सेक्टर-36 के एक मकान का मलिक ईसाई धर्म से ताल्लुक रखता है। मकान में कोचिंग समेत अन्य गतिविधियां भी होती हैं। मालिक बाहर रहता है। साथ ही, उसे ईसाई धर्म की प्रार्थना से भी कोई आपत्ति नहीं थी। मकान में करीब पांच वर्ष से अधिक समय से ईसाई धर्म की प्रार्थना सभाएं होती आ रही थीं।
सुरेश ने पूछताछ में बताया कि उसके परिवार में कोई सदस्य बीमार था। उसे किसी ने यहां आने का निमंत्रण दिया। उसके प्रार्थना सभा में शामिल होने के बाद सदस्य की तबीयत ठीक होने लगी, जिसके बाद उसका सभा पर विश्वास पैदा हो गया। एक रोज उसकी मुलाकात एच्छर निवासी चंद्र किरण से हुई। बातचीत में चंद्र किरण ने परिवार के सदस्य के बीमार होने के बारे में बताया तो सुरेश उसे भी अपने साथ प्रार्थना सभा में ले गया। इसके बाद उसके परिवार के सदस्य की तबीयत भी ठीक होने लगी, जिसके बाद दोनों वर्षों से यहां हो रही प्रार्थना सभा में शामिल हो रहे थे।
प्रार्थना सभा सुरेश ही कराता था। वह अपने साथ हुई घटना को चमत्कार बताते हुए लोगों को जोड़ता। हालांकि, पुलिस पूछताछ कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपने साथ जोड़ा है और कितनों का धर्मांतरण कराया है।
बच्चों को पढ़ाने और रुपये देने का लालच
प्रार्थना सभा में शामिल एक महिला ने बताया कि आरोपियों के संपर्क में आने से उनका बीमार दामाद ठीक हो गया। इसके बाद से वह भी प्रार्थना सभा में शामिल होने लगी। यहां पर बच्चों को निशुल्क पढ़ाने, उनकी शादी कराने और रुपये देने का लालच देकर धर्मांतरण के लिए उकसाया जाता था। यहां आए बच्चों को किताबें, टॉफी और कपड़े आदि दिए जाते थे।
बेसमेंट का गेट बंदकर पुलिस बुलाई
सेक्टर-36 में प्रार्थना सभा की जानकारी पहले वहीं के निवासी मोहन को हुई। वह बेसमेंट में पहुंचे। वहां चल रही गतिविधि के बारे में पूछने पर अंदर मौजूद लोग उनसे विवाद पर उतारू हो गए। मोहन ने बाहर निकलकर बेसमेंट का गेट बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आरब्ल्यूए अध्यक्ष अजय भाटी, डायल-112 और प्रभारी निरीक्षक को इसकी सूचना दी। इस दौरान आसपास के लोग भी वहां एकत्रित हो गए, जिसके बाद मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
वॉट्सऐप ग्रुप से धर्म का प्रचार-प्रसार
पुलिस ने आरोपी टैक्सी चालक सुरेश का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। उसमें फास्टर नाम से वॉट्सऐप ग्रुप मिला। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। ग्रुप पर ईसाई धर्म के प्रचार- प्रसार संबंधित सामग्री प्रसारित की जाती थी। सुरेश की पत्नी, साली और चंद्रकिरण द्वारा भी अपने मोबाइल फोन पर ऐसे ही ग्रुप बनाकर लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने वाली सामग्री भेजे जाने की आशंका है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों को भी खंगाल रही है।





