
रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को दी यह सलाह, बोलीं- ‘ट्रेनिंग अफसरों के साथ नेताओं के जीवन…’
संक्षेप: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी अधिकारियों को कुशलता से काम करने और लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से हल करने के लिए नवीनतम तकनीकों और टेक्नोलॉजी से लगातार खुद को अपग्रेड करते रहना चाहिए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी अफसरों को जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने और खुद को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से अपग्रेड करते रहने की सलाह दी है। सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजस्व विभाग के तहसीलदारों और सब-रजिस्ट्रारों के लिए आयोजित दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रेनिंग अफसरों के साथ-साथ राजनेताओं के जीवन का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को कुशलतापूर्वक काम करने और लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने के लिए नई तकनीकों और प्रौद्योगिकी के साथ खुद को लगातार अपग्रेड करना होगा।
उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार में अधिकारियों की ट्रेनिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इस ट्रेनिंग के बाद तहसीलदार और सब-रजिस्ट्रार लोगों की बेहतर सेवा कर पाएंगे।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों की ट्रेनिंग के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "बेहतर शासन और जन शिकायतों के निवारण के लिए अधिकारियों को लेटेस्ट सिस्टम और टेक्नोलॉजी से लैस करना जरूरी है।"
रेखा गुप्ता ने संवेदनशीलता को ट्रेनिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए अधिकारियों से लोगों से जुड़े रहने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया।
दिल्ली के सभी जिलों में मिनी सचिवालय बनाएगी सरकार
गौरतलब है कि इससे पहले मई महीने में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिलाधिकारियों को भ्रष्टाचार को कतई न सहने की नीति अपनाने और विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक स्थान पर लाने के लिए सभी जिलों में मिनी सचिवालय स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया था। सीएम ने जिलाधिकारियों (डीएम), उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और सब-रजिस्ट्रार के ऑफिसों में 'शिकायत और सुझाव' पेटियां लगाने के भी आदेश दिए थे।
रेखा गुप्ता ने कहा था, ‘‘इसका उद्देश्य एक ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था बनाना है जो पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-हितैषी हो।’’
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में मिनी सचिवालय स्थापित किए जाएंगे, जहां लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को इन सचिवालयों के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करने और प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा गया कि ये मिनी सचिवालय स्थानीय स्तर पर त्वरित और एकीकृत सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगे।
उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में लापरवाही और टालमटोल वाले रवैये को खत्म करने को कहा। भ्रष्टाचार के प्रति अपनी सरकार की शून्य सहनशीलता की नीति को दोहराते हुए उन्होंने कहा था कि पिछली सरकार ने जनता की शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरती।





