दिल्ली को जनसंख्या नियोजन नीति की जरूरत है? CM रेखा गुप्ता ने दिया यह जवाब
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी दिल्ली में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर चिंता जताई है। मुख्यमंत्री ने एक इंटरव्यू में जनसंख्या वृद्धि से शहरी विकास पर पड़ने वाले असर और सरकार की आगे की योजनाओं सहित कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी दिल्ली में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर चिंता जताई है। मुख्यमंत्री ने यूएनआई को दिए एक इंटरव्यू में जनसंख्या वृद्धि से शहरी विकास पर पड़ने वाले असर और सरकार की आगे की योजनाओं सहित कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
सवाल: क्या दिल्ली को दीर्घकालिक जनसंख्या नियोजन नीति की जरूरत है?
जवाब: बिल्कुल, पिछले कुछ दशकों में दिल्ली की आबादी तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह से आवास, परिवहन, पानी की सप्लाई और पर्यावरण से जुड़े सिस्टम पर बहुत अधिक दबाव पड़ा है। अर्बन प्लानिंग करते समय कम से कम 20-30 साल आगे के बारे में सोचना जरूरी है। इसका मतलब है कि दिल्ली के विकास को पूरे एनसीआर के साथ जोड़ा जाए, ताकि विकास अधिक समान रूप से बंट सके। स्मार्ट शहरी योजना, परिवहन-आधारित विकास और जमीन के बेहतर इस्तेमाल से जुड़ी नीतियां आबादी के दबाव को ज्यादा असरदार तरीके से संभालने में मदद करेंगी।
सवाल: आप अपनी सरकार के किस एक फैसले को अपनी कामयाबी का पैमाना मानती हैं?
जवाब: अगर आज से पांच साल बाद दिल्ली साफ-सुथरी, बेहतर कनेक्टिविटी वाली और अधिक बेहतर ढंग से चलने वाली जगह बन जाए, तो मैं इसे अपनी कामयाबी मानूंगी। चाहे इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल से प्रदूषण कम करना हो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाना हो, हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करना हो या इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना हो—हमारा मकसद नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना है। आखिरकार, सरकार के काम को सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि उसके नतीजों से आंका जाना चाहिए।
सवाल: महिलाओं के प्रति कांग्रेस और BJP-RSS के नजरिए में क्या फर्क है?
जवाब: हर राजनीतिक व्यवस्था अलग तरह से विकसित होती है। हमारे संगठन में, महिलाओं को हर स्तर पर—जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर मुख्यमंत्रियों और कैबिनेट मंत्रियों तक—नेतृत्व की भूमिकाएं निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारे आंदोलन का मूल सिद्धांत यह है कि महिलाएं न केवल कल्याणकारी योजनाओं की लाभार्थी हों, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सक्रिय रूप से भागीदार बनें। राजनीतिक सशक्तिकरण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि सामाजिक या आर्थिक सशक्तिकरण। जब महिलाएं शासन-प्रशासन में हिस्सा लेती हैं, तो नीतियां अधिक समावेशी और जवाबदेह बन जाती हैं।
सवाल: दिल्ली वालों के लिए आपका एक मैसेज क्या है?
जवाब: दिल्लीवालों के लिए मेरा संदेश सीधा-सा है: यह शहर हम सबका है। सिर्फ सरकारी नीतियां ही किसी शहर को पूरी तरह नहीं बदल सकतीं। नागरिकों को भी इसमें हिस्सा लेना होगा—जैसे कि ट्रैफिक नियमों का पालन करके, पर्यावरण से जुड़ी पहलों का समर्थन करके, पानी-बिजली बचाकर और अपने आस-पड़ोस को साफ-सुथरा रखकर। दिल्ली में अपार संभावनाएं हैं। यह उद्यमियों, पेशेवरों, छात्रों और सांस्कृतिक विविधता वाला शहर है। अगर हम सब (सरकार और नागरिक) मिलकर काम करें तो हम प्रदूषण, भीड़भाड़ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों से निपट सकते हैं। मैं चाहती हूं कि यहां का हर निवासी इस शहर पर गर्व करे और इसके विकास में अपना योगदान दे। उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि उनके पास एक ऐसी सीएम और ऐसे मंत्री हैं, जो उनके लिए 24 घंटे और 365 दिन काम करने को तैयार रहते हैं।


