वीआईपी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए नहीं रोकी जाएंगी सामान्य ट्रेनें, रेलवे ला रहा नई व्यवस्था
सामान्य ट्रेनों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही रेलवे वीआईपी और आम ट्रेनों के बीच का भेदभाव खत्म करने जा रहा है। अब वीआईपी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए सामान्य ट्रेनों को रोका नहीं जाएगा। रेलवे नई व्यवस्था पर काम कर रहा है। प्रीमियम ट्रेनों को समूह (कंबाइंड स्लॉट) में चलाया जाएगा।

सामान्य ट्रेनों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही रेलवे वीआईपी और आम ट्रेनों के बीच का भेदभाव खत्म करने जा रहा है। अब वीआईपी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए सामान्य ट्रेनों को रोका नहीं जाएगा। रेलवे नई व्यवस्था पर काम कर रहा है। प्रीमियम ट्रेनों को समूह (कंबाइंड स्लॉट) में चलाया जाएगा।
एक-दूसरे के रास्ते में बाधा नहीं बनेंगे
अभी वीआईपी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए सामान्य ट्रेनों को लूप लाइन पर रोक दिया जाता है। इससे आम ट्रेन तय समय पर गंतव्य पर नहीं पहुंच पातीं। नई व्यवस्था के तहत दोनों श्रेणियों की ट्रेनों का समय ऐसे व्यवस्थित किया जाएगा कि वे एक-दूसरे के रास्ते में बाधा न बनें। दोनों को निर्धारित समयांतर पर चलाया जाएगा।
प्रीमियम ट्रेनों को कंबाइंड स्लॉट में चलाया जाएगा
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे की समय सारिणी अभी प्राथमिकता पर आधारित है। इसमें वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी जैसी ट्रेनों को पहले रास्ता दिया जाता है। रेल मंत्रालय के नए प्रस्ताव के मुताबिक प्रीमियम ट्रेनों को समूह (कंबाइंड स्लॉट) में चलाया जाएगा। इससे वीआईपी ट्रेन निर्बाध दौड़ेंगी, जबकि आम ट्रेन के लेट होने का समय भी एक-दो घंटे से घटकर 10 मिनट तक रह जाएगा।
नई समय सारिणी बनाई जा रही
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए नई समय सारिणी बनाई जा रही है। 130-160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार वाली ट्रेनों को पांच से 10 मिनट के अंतराल (सेफ्टी गैप) पर चलाया जाएगा। 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति वाली ट्रेनों को दूसरे स्लॉट में चलाया जाएगा। समान गति पर यह ट्रेन पूरे रास्ते आगे-पीछे चलेंगी। इससे किसी ट्रेन को लूप लाइन पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर ढाई घंटे तक घटेगा समय
अभी दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर रोजाना औसतन 120 से अधिक ट्रेनें चलती हैं। इस मार्ग पर सुपरफास्ट ट्रेन औसतन डेढ़ से तीन घंटे लेट होती है। नई व्यवस्था में यह देरी घटकर 15-20 मिनट रह जाएगी। दिल्ली-मुंबई रूट पर कॉमन रनिंग टाइम से यहां 24 घंटे में आठ अतिरिक्त ट्रेन स्लॉट निकलेंगे।
रिपोर्टः अरविंद सिंह
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
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