लाल किला ब्लास्ट: व्हाइट कॉलर मॉड्यूल ने ग्लोबल कॉफी चेन पर हमले की भी बनाई थी योजना : सूत्र
दिल्ली में लाल किले के पास एक आई20 कार ब्लास्ट की जांच में एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इसी मॉड्यूल ने एक ग्लोबल कॉफी चेन के आउटलेट्स पर हमले की योजना बनाई थी।
दिल्ली में लाल किले के पास एक आई20 कार ब्लास्ट की जांच में एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इसी मॉड्यूल ने एक ग्लोबल कॉफी चेन के आउटलेट्स पर हमले की योजना बनाई थी। बता दें कि, पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के बाहर हुए विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने यह भी बताया कि यह "व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल" पिछले चार सालों से एक्टिव था। आरोपियों ने भारत के बड़े शहरों में भी हमले की योजना बनाई थी।
कई राज्यों में प्लान किए गए हमलों को रोका गया
सूत्रों ने आगे बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली जानकारी की मदद से नवंबर और दिसंबर में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कई प्लान किए गए हमलों को रोका गया।
4 जनवरी को अधिकारियों ने बताया था कि इस "व्हाइट-कॉलर मॉड्यूल" में शामिल डॉक्टर मुजम्मिल गनई, अदील राथर और अन्य लोग पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहने के लिए ‘घोस्ट’ सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। ये लोग जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए ‘डुअल-फोन’ तरीका अपनाते थे, जिसमें नॉर्मल यूज और सीक्रेट बातचीत के लिए अलग-अलग डिवाइस रखते थे।
DoT ने बड़ा कदम उठाया
इस जांच के नतीजों के बाद टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट (DoT) ने एक बड़ा कदम उठाया। DoT ने पिछले साल 28 नवंबर को एक ऑर्डर जारी किया कि WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स डिवाइस में एक एक्टिव फिजिकल सिम कार्ड से जुड़े होने चाहिए। इसका मकसद उस तरह के अनट्रेसेबल कम्युनिकेशन को रोकना था, जिसका इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे।



