लाल किला ब्लास्ट: व्हाइट कॉलर मॉड्यूल ने ग्लोबल कॉफी चेन पर हमले की भी बनाई थी योजना : सूत्र

Jan 31, 2026 09:24 am ISTPraveen Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

दिल्ली में लाल किले के पास एक आई20 कार ब्लास्ट की जांच में एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इसी मॉड्यूल ने एक ग्लोबल कॉफी चेन के आउटलेट्स पर हमले की योजना बनाई थी।

लाल किला ब्लास्ट: व्हाइट कॉलर मॉड्यूल ने ग्लोबल कॉफी चेन पर हमले की भी बनाई थी योजना : सूत्र

दिल्ली में लाल किले के पास एक आई20 कार ब्लास्ट की जांच में एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इसी मॉड्यूल ने एक ग्लोबल कॉफी चेन के आउटलेट्स पर हमले की योजना बनाई थी। बता दें कि, पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के बाहर हुए विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने यह भी बताया कि यह "व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल" पिछले चार सालों से एक्टिव था। आरोपियों ने भारत के बड़े शहरों में भी हमले की योजना बनाई थी।

कई राज्यों में प्लान किए गए हमलों को रोका गया

सूत्रों ने आगे बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली जानकारी की मदद से नवंबर और दिसंबर में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कई प्लान किए गए हमलों को रोका गया।

Red Fort car blast

4 जनवरी को अधिकारियों ने बताया था कि इस "व्हाइट-कॉलर मॉड्यूल" में शामिल डॉक्टर मुजम्मिल गनई, अदील राथर और अन्य लोग पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहने के लिए ‘घोस्ट’ सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। ये लोग जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए ‘डुअल-फोन’ तरीका अपनाते थे, जिसमें नॉर्मल यूज और सीक्रेट बातचीत के लिए अलग-अलग डिवाइस रखते थे।

DoT ने बड़ा कदम उठाया

इस जांच के नतीजों के बाद टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट (DoT) ने एक बड़ा कदम उठाया। DoT ने पिछले साल 28 नवंबर को एक ऑर्डर जारी किया कि WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स डिवाइस में एक एक्टिव फिजिकल सिम कार्ड से जुड़े होने चाहिए। इसका मकसद उस तरह के अनट्रेसेबल कम्युनिकेशन को रोकना था, जिसका इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें