
आतंकी डॉक्टरों के पास कहां से आए 26 लाख? जिसके दम पर दिल्ली दहलाने का बनाया प्लान
लाल किला धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि इस 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' से जुड़े चारों डॉक्टरों ने मिलकर 26 लाख रुपये से अधिक की मोटी रकम जुटाई थी।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए जोरदार धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। अब जांच में खुलासा हो रहा है कि इस 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' के पीछे चार डॉक्टर थे, जिन्होंने मिलकर 26 लाख रुपये से ज्यादा की रकम इकट्ठा की। इन पैसों से ही बम बनाने की सामग्री खरीदी गई। ये पैसा कैश में जमा किया गया और एक डॉक्टर को सौंपा गया, जो ऑपरेशन का 'खजांची' बना।

डॉक्टरों ने मिलकर जुटाए पैसे
जांच अधिकारियों के मुताबिक, चारों आरोपी डॉ. मुजम्मिल गनी, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी ने मिलकर ये मोटी रकम जुटाई। ये पैसा डॉ. उमर को दिया गया, जो इसे संभालता और इस्तेमाल करता था। उमर पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) का रहने वाला है और हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। यही उमर उस हुंडई i20 कार के स्टियरिंग पर था, जो लाल किले के व्यस्त इलाके में फट गई।
अधिकारियों का मानना है कि ये फंड किसी बड़े आतंकी साजिश से जुड़ा हुआ है। पैसों का ये जाल जांच को नई दिशा दे रहा है। आखिर ये डॉक्टर इतने पैसे कहां से लाए और किसके लिए? इसकी जांच की जा रही है।
गुरुग्राम-नूह से खरीदा 26 कुंतल NPK
इकट्ठा किए पैसे से इस गिरोह ने करीब 3 लाख रुपये खर्च कर 26 कुंतल NPK फर्टिलाइजर खरीदा। ये सामान गुरुग्राम, नूह और आसपास के इलाकों के सप्लायर्स से मंगवाया गया। लेकिन ये खाद खेतों के लिए नहीं, बल्कि बम बनाने के लिए थी। अन्य केमिकल्स मिलाकर इसे आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) में बदल दिया जाता है। पुलिस सूत्र बता रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद खरीदना जांच की 'मास्टर की' बन गया है। डिलीवरी रिकॉर्ड्स और पेमेंट ट्रांजेक्शन चेक हो रहे हैं।
क्या पैसे को लेकर हो गया झगड़ा?
सबसे रोचक ट्विस्ट ये कि धमाके से ठीक पहले उमर और मुजम्मिल के बीच पैसों के हैंडलिंग को लेकर तीखी बहस हुई थी। जांचकर्ता पता लगा रहे हैं कि क्या ये विवाद प्लान को प्रभावित कर गया या अटैक का टाइमिंग बदल गया? क्या ये डॉक्टरों की 'टीम' में दरार थी, जो लालकिले पर तबाही मचा गई?



