
विदेशी हैंडलर के संपर्क में था डॉक्टर उमर, ऐसे रची दिल्ली को दहलाने की साजिश; पूरी कहानी
लालकिला धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी ने जांच से बचने के लिए 31 अक्तूबर को ही अपना मोबाइल बंद कर दिया था, जिसकी आखिरी लोकेशन फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी में मिली थी। वह इंटरनेट कॉलिंग के जरिए विदेशी हैंडलर के संपर्क में था।
लालकिला के पास हुए धमाके की जांच में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों को पता चला है कि इस साजिश के मुख्य आरोपी डॉ. उमर ने अपना मोबाइल फोन 31 अक्तूबर को ही बंद कर दिया था, ताकि उसकी लोकेशन और कॉल डिटेल्स ट्रैक न की जा सके। हालांकि, एजेंसियों को शक है कि वह दूसरे सिमकार्ड के जरिये इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से अपने विदेशी हैंडलर से संपर्क में था।

अक्तूबर में रची थी साजिश
जांच में सामने आया है कि धमाके की साजिश को अक्तूबर माह में ही अंतिम रूप दे दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस की गिरफ्त में आई आतंकी डॉ. शहीन सईद ने पूछताछ में बताया कि डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील और डॉ. उमर नबी मिलकर कई धमाकों की योजना बना रहे थे। शहीन ने बताया कि इनमें सबसे ज्यादा कट्टर उमर ही था, जो लगातार धमाकों की तैयारी पर चर्चा करता और एजेंसियों से बचने के लिए अपने साथियों को सतर्क रहने की सलाह देता था।
गाड़ी के दस्तावेज अपडेट किए
जांच एजेंसियों को पता चला है कि उमर ने घटना से ठीक पहले, अक्तूबर में अपनी कार का प्रदूषण प्रमाणपत्र और बीमा दोनों अपडेट कराया था। एजेंसियों का मानना है कि उसने ऐसा धमाके से पहले पूरी तैयारी करने और संदेह से बचने के लिए किया।
आखिरी लोकेशन फरीदाबाद में मिली
जांच में खुलासा हुआ है कि उमर के मोबाइल की आखिरी लोकेशन फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी में मिली थी। दिलचस्प बात यह है कि सीसीटीवी फुटेज में वह फोन का इस्तेमाल करते हुए नहीं दिखा। धमाके से ठीक पहले उसकी आई-20 कार अरुणा आसफ अली रोड पर करीब 30–35 मिनट तक खड़ी रही। इस दौरान उमर कार के अंदर ही मौजूद था।
डंप डाटा के सहारे सुराग तलाश रही एजेंसियां
जांच एजेंसियों ने अब घटनास्थल और उमर की मूवमेंट से जुड़े सभी इलाकों का मोबाइल डंप डाटा जुटा लिया है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उमर किससे संपर्क में था, किससे मिला और धमाके वाले दिन किससे बात हुई। एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि क्या किसी ने उमर पर नजर रखी हुई थी या उसे किसी बाहरी नेटवर्क से निर्देश मिल रहे थे।



