
लाल किला विस्फोट के बाद बड़ा ऐक्शन, दिल्ली पुलिस ने जब्त की 34 लावारिस कारें
लाल किला के पास हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मध्य जिला पुलिस ने शनिवार रात को एक बड़ा अभियान चलाया और 34 लावारिस कारें जब्त कीं। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
लाल किला के पास हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात को एक बड़ा अभियान चलाया और 34 लावारिस कारें जब्त कीं। मध्य जिला पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उसने राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख इलाकों में आतंकवाद विरोधी उपायों को तेज कर दिया है। रणनीतिक तैनाती को और मजबूत करते हुए संवेदनशील जगहों पर सशस्त्र बलों की संख्या बढ़ा दी है।

एक अधिकारी ने बताया कि उनकी ओर से व्यापक सत्यापन अभियान चलाए जा रहे हैं। जगह-जगह नाकेबंदी बढ़ाई जा रही है। होटल, गेस्ट हाउस, साइबर कैफे, मॉल, सिनेमा, सिम कार्ड डीलरों, केमिकल की दुकानों और किरायेदारों, नौकरों, चौकीदारों, मजदूरों और सुरक्षा गार्डों के बीच व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इन जांचों का मकसद किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पहले ही पता लगाना और उसे रोकना है।
अधिकारी ने आगे बताया कि शनिवार रात को मध्य जिला पुलिस की विभिन्न टीमों ने एक विशेष अभियान चलाया। इसके तहत कड़ी पिकेट जांच की गई। इस अभियान के दौरान 34 लावारिस वाहन जब्त किए गए। पांच घंटे तक के सघन जांच अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न जांच चौकियों से गुजरने वाले 683 वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत 417 चालान काटे गए।
अधिकारी ने आगे बताया कि होटलों, गेस्ट हाउसों, साइबर कैफे, मॉल, सिनेमाघरों, केमिकल की दुकानों, सिम कार्ड विक्रेताओं और व्यावसायिक केंद्रों पर सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है। किरायेदारों, नौकरों, मजदूरों और सुरक्षा गार्डों का सत्यापन भी बढ़ाया गया है। पुलिस टीमें औचक निरीक्षण और मॉक ड्रिल कर रही हैं। भीड़-भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सशस्त्र कर्मियों को तैनात किया गया है।
पुलिस टीमें आम लोगों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या लावारिस वस्तु के बारे में तुरंत अधिकारियों को सूचित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। मध्य जिला पुलिस की ओर से शनिवार शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक पूरे जिले में कड़ी नाकेबंदी की गई। अभियान के दौरान 24 अजनबियों का सत्यापन किया गया। अभियान का मकसद पैनी नजर और रीयल टाइम मॉनीटरिंग को बढ़ाना था।
(पीटीआई के इनपुट के साथ)



