विदेश से गैंग चला रहे गैंगस्टर्स पर ‘ग्लोबल हंट’; 180 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इन दिनों विदेशों में छुपकर बैठे गैंगस्टर्स के खिलाफ ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ शुरू है। इसके तहत भारत विरोधी साजिश रहने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

विदेशी धरती पर बैठकर भारत में हत्या, टेरर फंडिंग और जबरन वसूली का ऑर्गनाइज सिंडिकेट चलाने वाले कई मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टरों और आतंकियों के खिलाफ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इन दिनों सबसे बड़ा अभियान ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ छेड़ रखा है। ये गैंगस्टर कनाडा, अमेरिका, दुबई, मलेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों से ऑपरेशन चलाते हैं।
‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ के तहत इंटरपोल की मदद से भारत विरोधी तत्वों को वापस लाने और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इंटरपोल के साथ मिलकर पिछले कुछ महीनों के भीतर रिकॉर्डतोड़ कार्रवाई की है।
2,500 से अधिक बैंक खाते कराए गए फ्रीज
इस हाई-लेवल ऑपरेशन के तहत विदेशों में छिपे करीब 180 मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ पिछले कुछ महीनों में ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराए गए हैं, जबकि 110 अन्य संदिग्धों के खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ जारी किए जा चुके हैं। इनसे जुड़े करीब 2,500 से अधिक बैंक खातों को दिल्ली पुलिस सहित अन्य राज्यों की पुलिस व केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर फ्रीज किया है।
गैंगस्टर और आतंकियों की संपत्तियां कुर्क
देशभर में जांच एजेंसियां गैंगस्टरों और आतंकियों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई तेज कर रही हैं। गैंगस्टरों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों, कौशल चौधरी, अमित डागर, इरफान उर्फ छेनू पहलवान, आसिफ खान, दाऊद इब्राहिम और इकबाल मिर्ची की विभिन्न राज्यों में स्थित संपत्तियां कुर्क या जब्त की गई हैं।
इन आतंकियों पर कसा शिकंजा
वहीं आतंकवाद के मामलों में गुरपतवंत सिंह पन्नू, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला, लखबीर सिंह रोडे, अंकुश कपूर और हिज्बुल मुजाहिदीन नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की पंजाब, जम्मू-कश्मीर और अन्य स्थानों पर स्थित संपत्तियों पर भी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की गई है। इन कदमों का उद्देश्य अपराध और आतंक की आर्थिक कमर तोड़ना है।
क्या है रेड कॉर्नर नोटिस
यह दुनिया भर की पुलिस (इंटरपोल के 196 सदस्य देशों) को यह अधिकार देता है कि वे इन मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों को देखते ही गिरफ्तार करें या हिरासत में लें, ताकि उन्हें भारत वापस लाया जा सके। इसमें लॉरेंस बिश्नोई, अर्श डल्ला और गोल्डी बराड़ के गैंग से जुड़े कई बड़े गुर्गे शामिल हैं।
ब्लू कॉर्नर नोटिस
यह नोटिस मोस्ट वॉन्टेड क्रिमिनल्स की लोकेशन और पहचान से जुड़ा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन संदिग्धों की सटीक लोकेशन, पहचान और उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फर्जी पासपोर्ट व जाली पहचान का पता लगाना है।


