काम की बात: दिल्ली में पानी की दिक्कत क्यों, अभी कितनी कमी; समझिए पूरी बात
दिल्ली को अधिकतर पानी हरियाणा और उत्तर प्रदेश से मिलता है। यमुना और गंगा के अलावा भूजल पर भी कुछ हद तक निर्भरता होती है। इस समय यमुना से कुछ कम पानी दिल्ली को मिल रहा है।

भीषण गर्मी के बीच दिल्ली के कई इलाकों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा की ओर से मुनक कनाल में 55 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद भी बुधवार को कई जगहों पर पानी कम मिला या किसी को टैंकर के भरोसे रहना बड़ा। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि दिल्ली के पास इस समय जरूरत के मुकाबले प्रतिदिन 90-100 मिलियन गैलेन (mgd) पानी की कमी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि जब तक अतिरिक्त पानी यमुना नदी में नहीं छोड़ा जाता है, स्थिति सामान्य होने की संभावना नहीं है।
आमतौर पर दिल्ली को यमुना, गंगा और भूजल से करीब 1,002 mgd पानी मिलता है, जबकि मांग करीब 1250 mgd की होती है। इस अंतर को ट्यूबवेल और टैंकर्स के जरिए पाटने की कोशिश होती है। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय में 904-905 mgd की आपूर्ति ही हो रही है। एक अधिकारी ने कहा, 'दिल्ली सरकार पानी आपूर्ति बढ़ाने के लिए हरियाणा के साथ लगातार संपर्क में है। मुनक नहर से आ रहे पानी में थोड़ी वृद्धि हुई है। 55 क्यूसेक (924 से 980 क्यूसेक) के इजाफे से सिस्टम पर हल्का दबाव ही कम हुआ है। आमतौर पर यमुना नदी से हमें 210 क्यूसेक पानी मिलता है, जोकि पुरी तरह सूख चुका है और हम अब भी 150 क्यूसेक (96-97mgd) की कमी झेल रहे हैं।'
दिल्ली को कहां से मिलता है पानी
दिल्ली पानी आपूर्ति के लिए मुख्यतौर पर अपने पड़ोसियों पर निर्भर है। 61.1 फीसदी (बिना सोधित) पानी हरियाणा से मिलता है, 25.25 फीसदी उत्तर प्रदेश से गंगा से आता है जबकि बाकी भूजल से। दिल्ली को हरियाणा का पानी दो रास्तों से मिलता है, मुख्यरूप से हथिनीकुंड बैराज से से जो यमुना में बहकर आता है और दूसरा मुनक नहर के जरिए। आमतौर पर हरियाणा 1049 क्यूसेक पानी इन दो स्रोतों से छोड़ता है, लेकिन 'ट्रांसमिशन लॉस' की वजह से दिल्ली को हैदरपुर में 924 क्यूसेक ही प्राप्त होता है,
एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'मुनक नहर की क्षमता सीमित है और यह नदी के जरिए मिलने वाले 210 क्यूसेक पानी की कमी पूरी नहीं कर सकता है, जिससे वजीराबाद, चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को पानी मिलता है। हम हरियाणा से हथिनीकुंड के जरिए और पानी छोड़ने की अपील कर रहे हैं।'
हरियाणा के अलावा दिल्ली को 470 क्यूसेक (254.08mgd) पानी अपर गंगा कनाल के जरिए यूपी से मिलता है। इसमें से 200 क्यूसेक पानी भागीरथ प्लांट में भेजा जाता है और 270 क्यूसेक सोनिया विहार प्लांट में। रेनी वेल्स और यमुना किनारे लगाए गए ट्यूबवेल्स के जरिए 208 क्यूसेक पानी मिलता है। हरियाणा अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है, लेकिन मानवीय आधार पर अपील की गई है। एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'हथिनीकुंड बैराज का डेटा दिखाता है कि 352 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है लेकिन दिल्ली के अधिकारी दलील देते हैं कि अधिकतर पानी हरियाणा में ही ट्रांसमिशन लॉस हो जाता है। वजीराबाद में 200-225 क्यूसेक पानी सुनिश्चित करने के लिए यदि हरियाणा की तरफ से पर्याप्त पानी छोड़ा जाए तो स्थिति सामान्य हो सकती है।'
दिल्ली में कई जगहों पर भारी संकट
90-100 mgd पानी कमी की वजह से कई इलाकों में नल सूखे रह रहे हैं। कई इलाकों में पानी का प्रेशर कम होता है तो कुछ में कम ही देर के लिए पानी आता है। आपूर्ति नेटवर्क में कम पानी की वजह से कई इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत भी होती है। मध्य, उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली में इस तरह की शिकायतें आईं। पटेल नगर, राजौरी गार्डन, विष्णु गार्डन, मॉडल टाउन, महावीर एन्क्लेव, राज नगर और पालम के कई हिस्सों में भी पानी की कमी रही। द्वारका सेक्टर 12 पॉकेट 2, रोहिणी सेक्टर 25, राजिंदर नगर ब्लॉक 12, पीतमपुरा के कुछ इलाकों, विजय नगर, रूप नगर, कमला नगर आदि में भी दूषित पानी आया।
इनपुट- गार्गी शुक्ला
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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