
84 करोड़ का MoU, 1000 करोड़ खर्च? नोएडा अथॉरिटी से दलित प्रेरणा स्थल पर खर्च का हिसाब मांगा
नोएडा सेक्टर-95 में बना राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डन एक बार फिर चर्चा में है। सीएजी की आपत्तियों पर इस मामले में सुनवाई कर रही लोक लेखा समिति (पीएसी) ने नोएडा प्राधिकरण से इस पर खर्च किए गए रुपये का ब्योरा मांगा है। अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी मांगी है।
नोएडा सेक्टर-95 में बना राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डन एक बार फिर चर्चा में है। सीएजी की आपत्तियों पर इस मामले में सुनवाई कर रही लोक लेखा समिति ने नोएडा प्राधिकरण से इस पर खर्च किए गए रुपये का ब्योरा मांगा है। अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी मांगी है।
दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करते ही दलित प्रेरणा स्थल बना है। इसका निर्माण वर्ष 2007 से 2011 के बीच हुआ था। सीएजी ने इसको बनाने में काफी अनियमितता पकड़ी थीं। निर्माण राशि पर भी आपत्तियां दर्ज की थीं। अब इन आपत्तियों पर लोक लेखा समिति सुनवाई कर रही है। समिति ने प्राधिकरण से इसके निर्माण पर खर्च किए गए रकम का ब्योरा मांगा था। इसी क्रम में बुधवार को लखनऊ में बैठक हुई। बैठक पर्याप्त समय तक नहीं चल सकी। 10-15 मिनट बाद ही यह बैठक खत्म हो गई।
जानकारी के मुताबिक, समिति के पदाधिकारियों ने इसका निर्माण करने वाली एजेंसी राजकीय निर्माण निगम से कुछ बिंदुओं पर जानकारी ली। प्राधिकरण के अधिकारियों से कोई सवाल नहीं पूछा जा सका। इस बारे में नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल का कहना है कि अगली सुनवाई में समिति की तरफ से मांगी गई जानकारी को प्राधिकरण रखेगा। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इसके निर्माण में प्राधिकरण ने अलग-अलग समय में 723 करोड़ रुपये दिए थे। यह राशि एमओयू के तहत इसका निर्माण करने वाली एजेंसी राजकीय निर्माण निगम को दिए गए थे। वहीं, नोएडा प्राधिकरण की फाइलों में इससे संबंधित जो एमओयू लगा है, वह 84 करोड़ रुपये का है। इसके बाद के निर्माण से संबंधित एमओयू फाइलों में नहीं है।

प्राधिकरण के अधिकारी इस राशि को सिर्फ चारदीवारी में खर्च करने की बात कह रहे हैं। बाकी काम से संबंधित एमओयू प्राधिकरण की फाइलों में नहीं है। इसके निर्माण के दौरान प्राधिकरण में तैनात रहे अधिकारियों का दावा है कि इसके निर्माण में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का खर्च हुआ था। प्राधिकरण और शासन ने अलग-अलग स्तर से इसके निर्माण में रुपये खर्च किए।
इस प्रेरणा स्थल के निर्माण कार्य में इस्तेमाल किए गए गुलाबी पत्थरों की सप्लाई चुनार मिर्जापुर से की गई, जबकि इनकी आपूर्ति राजस्थान के बयारना से दिखाकर ढुलाई के नाम पर भी रुपये लिए गए। इसमें जो खर्च हुआ, वह नोएडा प्राधिकरण के खजाने से हुआ।
किस के आदेश पर रकम खर्च हुई, फाइलों में नहीं
बताया जाता है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर की तरफ से दी गई रिपोर्ट के अनुसार, 679 करोड़ रुपये का खर्च 2009-10 तक था। इसके बाद कोई भी बिल या बाउचर प्राधिकरण को नहीं मिले। यह रकम किसके आदेश पर खर्च की गई, इसका लिखित दस्तावेज प्राधिकरण की फाइलों में नहीं है।
शासन की ऑडिट रिपोर्ट में भी सवाल उठे थे
गौरतलब है कि करीब 9 साल पहले शासन की ऑडिट रिपोर्ट में भी राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के निर्माण में बड़ा घोटाला सामने आया था। शासन की ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि सिर्फ 84 करोड़ का एमओयू साइन कर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए।
विजिलेंस जांच भी जारी
जानकारी के अनुसार दलित प्रेरणा स्थल के निर्माण में हुई धांधली को लेकर लखनऊ विजिलेंस भी जांच कर रही है। विजिलेंस की रिपोर्ट पर शासन ने पिछले साल कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।





