रेलवे इन 3 ट्रेनों में तैनात करेगा स्मार्ट टिकट जांच अधिकारी, ये हैं पात्रता
रेलवे ने तीन प्रीमियम गाड़ियों में अब स्मार्ट टिकट जांच अधिकारी तैनात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 45 टिकट जांच अधिकारियों से आवेदन मांगे गए हैं।

रेलवे के दक्षिण-पश्चिम जोन से चलने वाली तीन प्रीमियम गाड़ियों में अब स्मार्ट टिकट जांच अधिकारी तैनात किए जाएंगे। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से बेंगलुरु से चलने वाली राजधानी, शताब्दी और दुरंतो गाड़ी के लिए 45 टिकट जांच अधिकारियों से आवेदन मांगे गए हैं।
यह जांच अधिकारी अच्छी हिन्दी एवं अंग्रेजी बोलने के साथ यात्री से बेहतर ढंग से बातचीत करने वाले होने चाहिए। जानकारी के अनुसार, देशभर में सैकड़ों प्रीमियम गाड़ी चलती हैं, जिनमें राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, वंदेभारत एक्सप्रेस और दुरंतो एक्सप्रेस आदि शामिल हैंं।
अधिक होता है इन गाड़ियों में किराया
इन गाड़ियों में किराया अधिक होता है जिसके चलते सामान्य वर्ग के लोग इन गाड़ियों में सफर नहीं करते हैं। मध्यम वर्ग एवं उच्च वर्ग के लोग ही इन गाड़ियों में सफर करते हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में कारोबारी, अधिकारी एवं वीआईपी भी ऐसी गाड़ियों से सफर करते हैं। इसके चलते इन गाड़ियों में सामान्य तौर पर अच्छे व्यवहार वाले टिकट जांच अधिकारियों को ही तैनात किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कभी-कभी टिकट जांच अधिकारियों के व्यवहार को लेकर शिकायत आ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए दक्षिण-पश्चिम रेलवे ने अपनी तीन प्रीमियम गाड़ियों में स्मार्ट टिकट जांच अधिकारी तय करने का निर्णय लिया है।
तीन गाड़ियों में 45 अधिकारी तैनात होंगे
ये अधिकारी रेलवे में पहले से काम करने वाले ही होंगे, लेकिन अन्य से व्यवहार में बेहतर होंगे। तीन गाड़ियों में 45 अधिकारी तैनात होंगे, ताकि इनमें सफर करने वाले यात्रियों के सामने रेलवे की एक बेहतर छवि बने। यह गाड़ियां हजरत निजामुद्दीन से बेंगलुरु सिटी के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस, सराय रोहिल्ला जंक्शन से यशवंतपुरज जंक्शन दुरंतो एक्सप्रेस और बेंगलुरु सिटी से चेन्नई सेंट्रल के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस है।
टिकट जांच अधिकारी के लिए पात्रता
● अधिकारी कम से कम लेवल-6 पर कार्यरत होना चाहिए
● हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा आने के साथ व्यवहार कुशल होना चाहिए
● टिकट जांच करने का कम से कम 10 वर्ष का अनुभव हो
● रिटायरमेंट को कम से कम दो वर्ष बचे होने चाहिए
● जांच अधिकारी के खिलाफ कोई विजिलेंस जांच न हो
● ये अधिकारी रेलवे में काम करने वाले ही होंगे, लेकिन अन्य से व्यवहार में बेहतर होंगे


