जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन से नहीं हो सकता; भाजपा में आने के बाद राज्यसभा में पहली बार किस मुद्दे पर बोले राघव चड्ढा

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा गुरुवार को पहली बार सदन में बोलते दिखे। इस दौरान उन्होंने पेपर लीक रोकने वाले बिल पर उच्च सदन में हुई बहस के दौरान अपना पक्ष रखा और पेपर लीक की तुलना कैंसर जैसी बीमारी से करते हुए कहा कि इसका समाधान मीडिया में दिए बयानों से नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की समस्या के हल के लिए एक संस्थागत समाधान की जरूरत है, जिसे सरकार इस बिल के जरिए ला रही है।

पंजाब के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा, 'सर पेपर लीक जैसी गंभीर बीमारी का परमानेंट इलाज करना होगा, जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन खिलाकर नहीं किया जा सकता, ठीक वैसे ही पेपर लीक जैसी समस्या का इलाज मीडिया साउंड-बाइट से नहीं बल्कि इंस्टीट्यूशनल सॉल्यूशन से होगा, जो आज हमारी सरकार इस बिल के माध्यम से करने जा रही है। जो कि भारत का पहला एंटी पेपर लीक फ्रेमवर्क है।'

NEET छात्रों के साथ जताई सहानुभूति

आगे उन्होंने कहा, 'मैं सबसे पहले NEET के स्टूडेंट्स से कुछ कहना चाहूंगा, आपका गुस्सा जस्टिफाइड है, आपका दर्द असली है और आपको परीक्षा प्रणाली से जो शिकायत है, वह भी जेन्यून है। आपकी आवाज मायने रखती है। और जब आपने अपनी चिंता व्यक्त करी, अपना दर्द बताया, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने केवल प्रधानमंत्री के रूप में ही नहीं बल्कि एक अभिभावक के रूप में आपकी बात को सुना। परिवार के मुखिया की तरह उस बात को सुना। स्टूडेंट्स ने मांग करी, प्रधानमंत्री ने एक्ट किया, ऐतिहासिक फैसला हुआ, सिस्टम बदल गया।'

‘एक स्टूडेंट अकेला NEET की तैयारी नहीं करता’

आगे उन्होंने कहा, 'जब एक स्टूडेंट NEET परीक्षा की तैयारी करता है, तो वह अकेला तैयारी नहीं करता, उसका पूरा परिवार तैयारी करता है। मां अपनी छोटी-छोटी जरूरतें रोक देती है, घर का बजट कम करती है, पिता फैमिली की सेविंग्स को कोचिंग फीस और रेंट पर खर्च करता है। फैमिलीज को लोन तक लेना पड़ता है। और स्टूडेंट खुद कोटा, जयपुर, चंडीगढ़, दिल्ली, पटना जैसे शहरों में जाकर घर से दूर रहता है, दिन में 18-18 घंटे पढ़ाई करता है, रात में 2 बजे तक पढ़ाई करता है और फिर अलार्म लगाकर सुबह 5 बजे क्लासेस के लिए उठ जाता है।'

'छात्र अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए तैयारी करता है'

आगे नीट स्टूडेंट की कठिन तैयारी का जिक्र करते हुए चड्ढा ने कहा, 'परिवार से दूर, कोई सोशल लाइफ नहीं, कोई त्योहार नहीं, सोशल मीडिया और दोस्तों से दूर, अपनी नींद और स्वास्थ्य से भी समझौता करता है, क्योंकि उसे पता है कि जब वह पेपर लिखेगा तो वह सिर्फ पेपर नहीं बल्कि अपने परिवार के लिए एक बेहतर भविष्य लिखने जा रहा है। फिर एक दिन परीक्षा की तारीख पर उसे पता चलता है कि वह तीन साल से जिस पेपर की तैयारी कर रहा था, वह पेपर पहले ही किसी ने पहले ही पेपर देकर हासिल कर लिया और पेपर लीक हो गया।'

'सरकार ने स्टूडेंट्स की बात को सुना और करके भी दिखा दिया'

आगे उन्होंने कहा कि वे भी स्टूडेंट्स की तकलीफ को समझते हैं, क्योंकि वे भी एक ऐसी ही परीक्षा की तैयार कर चुके हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसी स्थिति में जब पेपर लीक होता है तो सिर्फ पेपर ही लीक नहीं होता, बल्कि उस स्टूडेंट की मेहनत, उसके सपने, उसका आत्मविश्वास, उसका भरोसा, उसकी प्रेरणा सब लीक हो जाती हैं, साथ ही उसकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ता है। मैं उस तकलीफ को समझता हूं, क्योंकि कुछ साल पहले तक मैं भी चार्टर्ड अकाउंटेंसी का स्टूडेंट रहा हूं। और क्योंकि मैं लंबे समय से इस सदन का सदस्य रहा हूं, इसलिए मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ इस बात को कहना चाहता हूं कि जब बात स्टूडेंट्स और देश के युवाओं की आई, तो सरकार ने सुना, सरकार ने ऐक्शन लिया और सरकार ने करके भी दिखा दिया।'

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

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