वह अभी भी मेरे प्यार में पागल है, डर है किसी दिन नसें न काट लेः राघव चड्ढा
वोटर लिस्ट में नाम कटने और जुड़ने को लेकर राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी आमने-सामने आ गए हैं। आप ने कहा कि पंजाब में नाम कटने और दिल्ली में जुड़ने के बाद राघव चड्ढा और बीजेपी का बेशर्म चेहरा सबके सामने बेनकाब हो गया है। वहीं राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है।

पंजाब में वोटर लिस्ट में नाम कटने और दिल्ली के वोटर लिस्ट में जुड़ने के बाद राघव चड्ढा और आप में ठन गई है। आप की ओर से बेशर्मी का आरोप लगाने के बाद राघव चड्ढा ने पलटवार किया है। चड्ढा ने कहा कि जहां तक मेरा सवाल है और मेरे वोट का सवाल है, आम आदमी पार्टी की ऐसी हालत हो गई है कि उन्हें रात को सपने में मैं भूत बनकर आता हूं। वे दिन रात राघव चड्ढा, राघव चड्ढा करते रहते हैं। मुझे तो ऐसा लगता है कि आम आदमी पाटी की हालत उस एक्स गर्लफ्रेंड जैसी है जिसे उसका बॉयफ्रेंड छोड़कर आगे निकल गया है। वह अपनी जिंदगी में मूव ऑन कर गया है। लेकिन अभी भी वह मेरे इश्क में, मेरे प्यार में पागल है। मुझे ऐसा लगता है कि किसी दिन दिल जले आशिक की तरह मेरी याद में अपनी नसें ना काट ले। मुझे उनकी बड़ी चिंता रहती है।
पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब होने के बाद बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने नाराजगी जाहिर की थी। चड्ढा ने कहा थी कि पंजाब की आप सरकार ने राजनीतिक विद्वेष के कारण वोटर लिस्ट में उनका नाम शिफ्टेड कैटेगरी में डाल दिया। चड्ढा ने आरोप लगाया कि उनके पार्टी छोड़ने के बाद से आप उन्हें लगातार निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि वह अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को परेशान कर रहे हैं। इसलिए दिन-रात उनके बारे में सोचकर उन पर हमला करने की कोशिश की जा रही है।
आप ने उठाया सवाल
इससे पहले आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में जुड़ने पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। आप की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राजिंदर नगर के संबंधित पोलिंग पार्ट में 746 मतदाता थे, लेकिन बाद में राघव चड्ढा का नाम 747वें मतदाता के तौर पर जुड़ गया। भारद्वाज के मुताबिक, राजिंदर नगर की मतदाता सूची में सीरियल नंबर 747 पर राघव चड्ढा, पिता सुनील चड्ढा, उम्र 37 साल का नाम दर्ज है। आप नेता ने चड्ढा के 3 सितंबर के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद वह पंजाब में दोबारा मतदाता के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएंगे। सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जब ड्राफ्ट सूची में 746 नाम थे तो उसके बाद 747वां नाम किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की थी।
चड्ढा और बीजेपी का बेशर्म चेहरा बेनकाबः ढांडा
वहीं, आप के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक 26 अगस्त को राघव चड्ढा ने दिल्ली में वोट बनवाने के लिए फॉर्म 6 दाखिल किया और 2 सितंबर को उनका वोट अप्रूव होकर जुड़ गया। लेकिन 3 सितंबर को राघव चड्ढा छाती पीट-पीटकर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे कि पंजाब सरकार ने मेरा वोट कटवा दिया। ढांडा ने कहा कि 26 अगस्त को दिल्ली में वोट के लिए आवेदन और 3 सितंबर को पंजाब सरकार पर आरोप। राघव चड्ढा और बीजेपी का बेशर्म चेहरा आज सबके सामने बेनकाब हो गया है।
गाइडलाइंस और तय प्रक्रिया का पालन किया
उधर, आप के इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग की सभी लागू गाइडलाइंस और तय प्रक्रिया का पालन किया है। वहीं, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गुपचुप जोड़ने के आरोप पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा जवाब दिया है। कार्यालय ने कहा कि राघव चड्ढा का नाम नियम के तहत जोड़ा गया है। उन्होंने 26 अगस्त को फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल करने के लिए आवेदन किया था। आवेदन पर सात दिन की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी होने के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने दो सितंबर को इसे मंजूरी दी।
मुख्य निर्वाचन कार्यालय का कहना है कि फॉर्म मंजूर होते ही संबंधित नाम मसौदा मतदाता सूची की अंतिम क्रम संख्या के बाद डेटाबेस में दिखाई देने लगता है। हालांकि अंतिम मतदाता सूची पुनरीक्षण अवधि पूरी होने और सभी दावों-आपत्तियों के निपटारे के बाद प्रकाशित की जाएगी।


